दानिय्येल ७:१९
“तब मेरे मन में यह इच्छा हुई कि उस चौथे जन्तु का भेद भी जान लूँ जो और तीनों से भिन्न और अति भयंकर था और जिसके दाँत लोहे के और नख पीतल के थे; वह सब कुछ खा डालता, और चूर-चूर करता, और बचे हुए को पैरों से रौंद डालता था।दानिय्येल ७:१९ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Daniel 7:19
- “Then I desired to know the truth concerning the fourth animal, which was different from all of them, exceedingly terrible, whose teeth were of iron, and its nails of bronze; which devoured, broke in pieces, and stamped the residue with its feet;
- ગુજરાતી — દાનિયેલ ૭:૧૯
- પછી મેં ચોથા પશુનું રહસ્ય જાણવાની ઇચ્છા પ્રગટ કરી, તે બીજા બધા કરતાં જુદું હતું, તેના લોખંડના દાંત અને પિત્તળના નખ ઘણા ભયંકર હતા; તે લોકોને ભક્ષ કરતું, ભાંગીને ટુકડા કરતું, બાકી રહેલાને તેના પગ તળે કચડી નાખતું હતું.
संदर्भ में
१७‘उन चार बड़े-बड़े जन्तुओं का अर्थ चार राज्य हैं, जो पृथ्वी पर उदय होंगे।
१८परन्तु परमप्रधान के पवित्र लोग राज्य को पाएँगे और युगानुयुग उसके अधिकारी बने रहेंगे।’ (दानि. 7:27)
१९“तब मेरे मन में यह इच्छा हुई कि उस चौथे जन्तु का भेद भी जान लूँ जो और तीनों से भिन्न और अति भयंकर था और जिसके दाँत लोहे के और नख पीतल के थे; वह सब कुछ खा डालता, और चूर-चूर करता, और बचे हुए को पैरों से रौंद डालता था।
२०फिर उसके सिर में के दस सींगों का भेद, और जिस नये सींग के निकलने से तीन सींग गिर गए, अर्थात् जिस सींग की आँखें और बड़ा बोल बोलनेवाला मुँह और सब और सींगों से अधिक भयंकर था, उसका भी भेद जानने की मुझे इच्छा हुई। (दानि. 7:8)
२१“और मैंने देखा था कि वह सींग पवित्र लोगों के संग लड़ाई करके उन पर उस समय तक प्रबल भी हो गया,
