दानिय्येल ८:१३
तब मैंने एक पवित्र जन को बोलते सुना; फिर एक और पवित्र जन ने उस पहले बोलनेवाले से पूछा, “नित्य होमबलि और उजड़वानेवाले अपराध के विषय में जो कुछ दर्शन देखा गया, वह कब तक फलता रहेगा; अर्थात् पवित्रस्थान और सेना दोनों का रौंदा जाना कब तक होता रहेगा ?” (प्रका. 11:2)दानिय्येल ८:१३ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Daniel 8:13
- Then I heard a holy one speaking; and another holy one said to that certain one who spoke, “How long will the vision about the continual burnt offering, and the disobedience that makes desolate, to give both the sanctuary and the army to be trodden under foot be?”
- ગુજરાતી — દાનિયેલ ૮:૧૩
- ત્યારે મેં એક પવિત્રને બોલતો સાંભળ્યો અને બીજા પવિત્રે તેને જવાબ આપ્યો, “દહનાર્પણનો અને વિનાશ કરનાર પાપ પવિત્રસ્થાનને તેમ જ આકાશના સૈન્યને તેના પગ નીચે કચડી નાખવા વિષેના સંદર્શનનો કેટલો સમય છે?”
संदर्भ में
११वरन् वह उस सेना के प्रधान तक भी बढ़ गया, और उसका नित्य होमबलि बन्द कर दिया गया; और उसका पवित्र वासस्थान गिरा दिया गया।
१२और लोगों के अपराध के कारण नित्य होमबलि के साथ सेना भी उसके हाथ में कर दी गई, और उस सींग ने सच्चाई को मिट्टी में मिला दिया, और वह काम करते-करते सफल हो गया।
१३तब मैंने एक पवित्र जन को बोलते सुना; फिर एक और पवित्र जन ने उस पहले बोलनेवाले से पूछा, “नित्य होमबलि और उजड़वानेवाले अपराध के विषय में जो कुछ दर्शन देखा गया, वह कब तक फलता रहेगा; अर्थात् पवित्रस्थान और सेना दोनों का रौंदा जाना कब तक होता रहेगा ?” (प्रका. 11:2)
१४और उसने मुझसे कहा, “जब तक साँझ और सवेरा दो हजार तीन सौ बार न हों, तब तक वह होता रहेगा; तब पवित्रस्थान शुद्ध किया जाएगा।”
१५यह बात दर्शन में देखकर, मैं, दानिय्येल, इसके समझने का यत्न करने लगा; इतने में पुरुष का रूप धरे हुए कोई मेरे सम्मुख खड़ा हुआ दिखाई पड़ा।
