व्यवस्थाविवरण १:२५
और उस देश के फलों में से कुछ हाथ में लेकर हमारे पास आए, और हमको यह सन्देश दिया, ‘जो देश हमारा परमेश्वर यहोवा हमें देता है वह अच्छा है।’व्यवस्थाविवरण १:२५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Deuteronomy 1:25
- They took some of the fruit of the land in their hands and brought it down to us, and brought us word again, and said, “It is a good land which the LORD our God gives to us.”
- ગુજરાતી — પુનર્નિયમ ૧:૨૫
- અને તેઓ તે દેશનાં ફળ પોતાની સાથે લઈને આપણી પાસે આવ્યા. અને તેઓ એવી ખબર લાવ્યા કે, જે ભૂમિ આપણા ઈશ્વર યહોવાહ આપણને આપવાના છે તે ભૂમિ સારી છે.
संदर्भ में
२३इस बात से प्रसन्न होकर मैंने तुम में से बारह पुरुष, अर्थात् हर गोत्र में से एक पुरुष चुन लिया;
२४और वे पहाड़ पर चढ़ गए, और एशकोल नामक नाले को पहुँचकर उस देश का भेद लिया।
२५और उस देश के फलों में से कुछ हाथ में लेकर हमारे पास आए, और हमको यह सन्देश दिया, ‘जो देश हमारा परमेश्वर यहोवा हमें देता है वह अच्छा है।’
२६“तो भी तुम ने वहाँ जाने से मना किया, किन्तु अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञा के विरुद्ध होकर
२७अपने-अपने डेरे में यह कहकर कुड़कुड़ाने लगे, ‘यहोवा हम से बैर रखता है, इस कारण हमको मिस्र देश से निकाल ले आया है, कि हमको एमोरियों के वश में करके हमारा सत्यानाश कर डाले।
