व्यवस्थाविवरण १७:६
जो प्राणदण्ड के योग्य ठहरे वह एक ही की साक्षी से न मार डाला जाए, किन्तु दो या तीन मनुष्यों की साक्षी से मार डाला जाए। (यूह. 8:17, 1 तीमु. 5:19, इब्रा. 10:28)व्यवस्थाविवरण १७:६ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Deuteronomy 17:6
- At the mouth of two witnesses, or three witnesses, he who is to die shall be put to death. At the mouth of one witness he shall not be put to death.
- ગુજરાતી — પુનર્નિયમ ૧૭:૬
- બે સાક્ષીના કે ત્રણ સાક્ષીના આધારે તે મરનારને મરણદંડ આપવામાં આવે; પણ એક સાક્ષીના આધારે તેને મરણદંડ આપવો નહિ.
संदर्भ में
४और यह बात तुझे बताई जाए और तेरे सुनने में आए; तब भली भाँति पूछपाछ करना, और यदि यह बात सच ठहरे कि इस्राएल में ऐसा घृणित कर्म किया गया है,
५तो जिस पुरुष या स्त्री ने ऐसा बुरा काम किया हो, उस पुरुष या स्त्री को बाहर अपने फाटकों पर ले जाकर ऐसा पथराव करना कि वह मर जाए।
६जो प्राणदण्ड के योग्य ठहरे वह एक ही की साक्षी से न मार डाला जाए, किन्तु दो या तीन मनुष्यों की साक्षी से मार डाला जाए। (यूह. 8:17, 1 तीमु. 5:19, इब्रा. 10:28)
७उसके मार डालने के लिये सबसे पहले साक्षियों के हाथ, और उनके बाद और सब लोगों के हाथ उठें। इसी रीति से ऐसी बुराई को अपने मध्य से दूर करना। (यूह. 8:7, 1 कुरि. 5:13)
८“यदि तेरी बस्तियों के भीतर कोई झगड़े की बात हो, अर्थात् आपस के खून, या विवाद, या मारपीट का कोई मुकद्दमा उठे, और उसका न्याय करना तेरे लिये कठिन जान पड़े , तो उस स्थान को जाकर जो तेरा परमेश्वर यहोवा चुन लेगा;
