व्यवस्थाविवरण २०:१९
“जब तू युद्ध करते हुए किसी नगर को जीतने के लिये उसे बहुत दिनों तक घेरे रहे, तब उसके वृक्षों पर कुल्हाड़ी चलाकर उन्हें नाश न करना, क्योंकि उनके फल तेरे खाने के काम आएँगे, इसलिए उन्हें न काटना। क्या मैदान के वृक्ष भी मनुष्य हैं कि तू उनको भी घेर रखे?व्यवस्थाविवरण २०:१९ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Deuteronomy 20:19
- When you shall besiege a city a long time, in making war against it to take it, you shall not destroy its trees by wielding an ax against them; for you may eat of them. You shall not cut them down, for is the tree of the field man, that it should be besieged by you?
- ગુજરાતી — પુનર્નિયમ ૨૦:૧૯
- જયારે યુદ્ધ કરતાં તું કોઈ નગર જીતવા માટે લાંબા સમય સુધી તેનો ઘેરો ઘાલે, ત્યારે તેનાં વૃક્ષો પર કુહાડી લગાડીને તું તે કાપી નાખતો નહિ; કેમ કે તું તેઓનું ફળ ભલે ખાય, પણ તું તેઓને કાપી ન નાખ; કેમ કે ખેતરનું વૃક્ષ તે શું માણસ છે કે તારે તેને ઘેરો ઘાલવો પડે?
संदर्भ में
१७परन्तु उनका अवश्य सत्यानाश करना, अर्थात् हित्तियों, एमोरियों, कनानियों, परिज्जियों, हिब्बियों, और यबूसियों को, जैसे कि तेरे परमेश्वर यहोवा ने तुझे आज्ञा दी है;
१८ऐसा न हो कि जितने घिनौने काम वे अपने देवताओं की सेवा में करते आए हैं वैसा ही करना तुम्हें भी सिखाएँ, और तुम अपने परमेश्वर यहोवा के विरुद्ध पाप करने लगो।
१९“जब तू युद्ध करते हुए किसी नगर को जीतने के लिये उसे बहुत दिनों तक घेरे रहे, तब उसके वृक्षों पर कुल्हाड़ी चलाकर उन्हें नाश न करना, क्योंकि उनके फल तेरे खाने के काम आएँगे, इसलिए उन्हें न काटना। क्या मैदान के वृक्ष भी मनुष्य हैं कि तू उनको भी घेर रखे?
२०परन्तु जिन वृक्षों के विषय में तू यह जान ले कि इनके फल खाने के नहीं हैं, तो उनको काटकर नाश करना, और उस नगर के विरुद्ध उस समय तक घेराबन्दी किए रहना जब तक वह तेरे वश में न आ जाए।
