व्यवस्थाविवरण २६:५
तब तू अपने परमेश्वर यहोवा से इस प्रकार कहना, ‘ मेरा मूलपुरुष एक अरामी मनुष्य था जो मरने पर था; और वह अपने छोटे से परिवार समेत मिस्र को गया, और वहाँ परदेशी होकर रहा; और वहाँ उससे एक बड़ी, और सामर्थी, और बहुत मनुष्यों से भरी हुई जाति उत्पन्न हुई।व्यवस्थाविवरण २६:५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Deuteronomy 26:5
- You shall answer and say before the LORD your God, “My father was a Syrian ready to perish. He went down into Egypt, and lived there, few in number. There he became a great, mighty, and populous nation.
- ગુજરાતી — પુનર્નિયમ ૨૬:૫
- પછી તમારે યહોવાહ તમારા ઈશ્વર સમક્ષ એમ કહેવું કે, “અમારા પિતા સ્થળાંતર કરીને આવેલ અરામી હતા અને મિસરમાં જઈને રહ્યા. અને તેમના લોકની સંખ્યા થોડી હતી. ત્યાં તેઓ એક મોટી, શક્તિશાળી અને વસ્તીવાળી પ્રજા બન્યા.
संदर्भ में
३और उन दिनों के याजक के पास जाकर यह कहना, ‘मैं आज हमारे परमेश्वर यहोवा के सामने स्वीकार करता हूँ, कि यहोवा ने हम लोगों को जिस देश के देने की हमारे पूर्वजों से शपथ खाई थी उसमें मैं आ गया हूँ।’
४तब याजक तेरे हाथ से वह टोकरी लेकर तेरे परमेश्वर यहोवा की वेदी के सामने रख दे।
५तब तू अपने परमेश्वर यहोवा से इस प्रकार कहना, ‘ मेरा मूलपुरुष एक अरामी मनुष्य था जो मरने पर था; और वह अपने छोटे से परिवार समेत मिस्र को गया, और वहाँ परदेशी होकर रहा; और वहाँ उससे एक बड़ी, और सामर्थी, और बहुत मनुष्यों से भरी हुई जाति उत्पन्न हुई।
६और मिस्रियों ने हम लोगों से बुरा बर्ताव किया, और हमें दुःख दिया, और हम से कठिन सेवा ली।
७परन्तु हमने अपने पूर्वजों के परमेश्वर यहोवा की दुहाई दी, और यहोवा ने हमारी सुनकर हमारे दुःख-श्रम और अत्याचार पर दृष्टि की;
