व्यवस्थाविवरण २८:५५
और वह उनमें से किसी को भी अपने बालकों के माँस में से जो वह आप खाएगा कुछ न देगा, क्योंकि घिर जाने और उस संकट में, जिसमें तेरे शत्रु तेरे सारे फाटकों के भीतर तुझे घेर डालेंगे, उसके पास कुछ न रहेगा।व्यवस्थाविवरण २८:५५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Deuteronomy 28:55
- so that he will not give to any of them of the flesh of his children whom he will eat, because he has nothing left to him, in the siege and in the distress with which your enemy will distress you in all your gates.
- ગુજરાતી — પુનર્નિયમ ૨૮:૫૫
- જે પોતાનાં સંતાનોનું માંસ ખાતો હશે તે તેઓમાંના કોઈને નહિ આપે, કેમ કે જે ઘેરાથી તથા આપત્તિથી તમારા સર્વ નગરોમાં તમારા શત્રુઓ ઘેરો નાખશે, તેને લીધે તેની પાસે કંઈ જ રહ્યું નહિ હોય.
संदर्भ में
५३तब घिर जाने और उस संकट के समय जिसमें तेरे शत्रु तुझको डालेंगे, तू अपने निज जन्माए बेटे-बेटियों का माँस जिन्हें तेरा परमेश्वर यहोवा तुझको देगा खाएगा।
५४और तुझ में जो पुरुष कोमल और अति सुकुमार हो वह भी अपने भाई, और अपनी प्राणप्रिय, और अपने बचे हुए बालकों को क्रूर दृष्टि से देखेगा;
५५और वह उनमें से किसी को भी अपने बालकों के माँस में से जो वह आप खाएगा कुछ न देगा, क्योंकि घिर जाने और उस संकट में, जिसमें तेरे शत्रु तेरे सारे फाटकों के भीतर तुझे घेर डालेंगे, उसके पास कुछ न रहेगा।
५६और तुझ में जो स्त्री यहाँ तक कोमल और सुकुमार हो कि सुकुमारपन के और कोमलता के मारे भूमि पर पाँव धरते भी डरती हो, वह भी अपने प्राणप्रिय पति, और बेटे, और बेटी को,
५७अपनी खेरी, वरन् अपने जने हुए बच्चों को क्रूर दृष्टि से देखेगी, क्योंकि घिर जाने और उस संकट के समय जिसमें तेरे शत्रु तुझे तेरे फाटकों के भीतर घेरकर रखेंगे, वह सब वस्तुओं की घटी के मारे उन्हें छिपके खाएगी।
