व्यवस्थाविवरण २९:१९
और ऐसा मनुष्य इस श्राप के वचन सुनकर अपने को आशीर्वाद के योग्य माने, और यह सोचे कि चाहे मैं अपने मन के हठ पर चलूँ, और तृप्त होकर प्यास को मिटा डालूँ, तो भी मेरा कुशल होगा।व्यवस्थाविवरण २९:१९ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Deuteronomy 29:19
- and it happen, when he hears the words of this curse, that he bless himself in his heart, saying, “I shall have peace, though I walk in the stubbornness of my heart,” to destroy the moist with the dry.
- ગુજરાતી — પુનર્નિયમ ૨૯:૧૯
- રખેને તે આ શાપની વાતો સાંભળે ત્યારે તે પોતાના હૃદયમાં આશીર્વાદ આપીને કહે કે, હું મારા હૃદયની હઠીલાઈ પ્રમાણે ચાલું અને સૂકાની સાથે લીલાનો નાશ કરું તો પણ મને શાંતિ મળશે.
संदर्भ में
१७तब तुम ने उनकी कैसी-कैसी घिनौनी वस्तुएँ, और काठ, पत्थर, चाँदी, सोने की कैसी मूरतें देखीं।
१८इसलिए ऐसा न हो, कि तुम लोगों में ऐसा कोई पुरुष, या स्त्री, या कुल, या गोत्र के लोग हों जिनका मन आज हमारे परमेश्वर यहोवा से फिर जाए, और वे जाकर उन जातियों के देवताओं की उपासना करें; फिर ऐसा न हो कि तुम्हारे मध्य ऐसी कोई जड़ हो, जिससे विष या कड़वा फल निकले, (प्रेरि. 8:23)
१९और ऐसा मनुष्य इस श्राप के वचन सुनकर अपने को आशीर्वाद के योग्य माने, और यह सोचे कि चाहे मैं अपने मन के हठ पर चलूँ, और तृप्त होकर प्यास को मिटा डालूँ, तो भी मेरा कुशल होगा।
२०यहोवा उसका पाप क्षमा नहीं करेगा, वरन् यहोवा के कोप और जलन का धुआँ उसको छा लेगा, और जितने श्राप इस पुस्तक में लिखे हैं वे सब उस पर आ पड़ेंगे, और यहोवा उसका नाम धरती पर से मिटा देगा। (प्रका. 22:18)
२१और व्यवस्था की इस पुस्तक में जिस वाचा की चर्चा है उसके सब श्रापों के अनुसार यहोवा उसको इस्राएल के सब गोत्रों में से हानि के लिये अलग करेगा।
