सभोपदेशक ४:१
तब मैंने वह सब अंधेर देखा जो सूर्य के नीचे होता है। और क्या देखा, कि अंधेर सहनेवालों के आँसू बह रहे हैं, और उनको कोई शान्ति देनेवाला नहीं! अंधेर करनेवालों के हाथ में शक्ति थी, परन्तु उनको कोई शान्ति देनेवाला नहीं था।सभोपदेशक ४:१ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Ecclesiastes 4:1
- Then I returned and saw all the oppressions that are done under the sun: and behold, the tears of those who were oppressed, and they had no comforter; and on the side of their oppressors there was power; but they had no comforter.
- ગુજરાતી — સભાશિક્ષક ૪:૧
- ત્યારબાદ મેં પાછા ફરીને વિચાર કર્યો, અને પૃથ્વી પર જે જુલમ કરવામાં આવે છે. તે સર્વ મેં નિહાળ્યા. જુલમ સહન કરનારાઓનાં આંસુ પડતાં હતાં. પણ તેમને સાંત્વના આપનાર કોઈ નહોતું, તેઓના પર ત્રાસ કરનારાઓ શક્તિશાળી હતાં.
संदर्भ में
१तब मैंने वह सब अंधेर देखा जो सूर्य के नीचे होता है। और क्या देखा, कि अंधेर सहनेवालों के आँसू बह रहे हैं, और उनको कोई शान्ति देनेवाला नहीं! अंधेर करनेवालों के हाथ में शक्ति थी, परन्तु उनको कोई शान्ति देनेवाला नहीं था।
२इसलिए मैंने मरे हुओं को जो मर चुके हैं, उन जीवितों से जो अब तक जीवित हैं अधिक धन्य कहा;
३वरन् उन दोनों से अधिक अच्छा वह है जो अब तक हुआ ही नहीं, न यह बुरे काम देखे जो सूर्य के नीचे होते हैं।
