सभोपदेशक ५:१८
सुन, जो भली बात मैंने देखी है, वरन् जो उचित है, वह यह कि मनुष्य खाए और पीए और अपने परिश्रम से जो वह सूर्य के नीचे करता है, अपनी सारी आयु भर जो परमेश्वर ने उसे दी है, सुखी रहे क्योंकि उसका भाग यही है।सभोपदेशक ५:१८ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Ecclesiastes 5:18
- Behold, that which I have seen to be good and proper is for one to eat and to drink, and to enjoy good in all his labor, in which he labors under the sun, all the days of his life which God has given him; for this is his portion.
- ગુજરાતી — સભાશિક્ષક ૫:૧૮
- જુઓ, મનુષ્ય માટે જે સારી અને શોભતી બાબત મેં જોઈ છે તે એ છે કે, ઈશ્વરે તેને આપેલા આયુષ્યના સર્વ દિવસોમાં ખાવું, પીવું અને દુનિયામાં જે સઘળો શ્રમ કરે છે તેમાં મોજમજા માણવી કેમ કે એ જ તેનો હિસ્સો છે.
संदर्भ में
१६यह भी एक बड़ी बला है कि जैसा वह आया, ठीक वैसा ही वह जाएगा; उसे उस व्यर्थ परिश्रम से और क्या लाभ है?
१७केवल इसके कि उसने जीवन भर अंधकार में भोजन किया, और बहुत ही दुःखित और रोगी रहा और क्रोध भी करता रहा?
१८सुन, जो भली बात मैंने देखी है, वरन् जो उचित है, वह यह कि मनुष्य खाए और पीए और अपने परिश्रम से जो वह सूर्य के नीचे करता है, अपनी सारी आयु भर जो परमेश्वर ने उसे दी है, सुखी रहे क्योंकि उसका भाग यही है।
१९वरन् हर एक मनुष्य जिसे परमेश्वर ने धन-सम्पत्ति दी हो, और उनसे आनन्द भोगने और उसमें से अपना भाग लेने और परिश्रम करते हुए आनन्द करने को शक्ति भी दी हो यह परमेश्वर का वरदान है ।
२०इस जीवन के दिन उसे बहुत स्मरण न रहेंगे, क्योंकि परमेश्वर उसकी सुन सुनकर उसके मन को आनन्दमय रखता है।
