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Methodist Church Nadiad
कोई वचन कहकर अपने को पाप में न फँसाना , और न परमेश्वर के दूत के सामने कहना कि यह भूल से हुआ; परमेश्वर क्यों तेरा बोल सुनकर क्रोधित हो, और तेरे हाथ के कार्यों को नष्ट करे?

सभोपदेशक ५:६ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishEcclesiastes 5:6
Don’t allow your mouth to lead you into sin. Don’t protest before the messenger that this was a mistake. Why should God be angry at your voice, and destroy the work of your hands?
ગુજરાતીસભાશિક્ષક ૫:૬
તારા મુખને લીધે તારા શરીર પાસે પાપ કરાવવા ન દે, તેમ જ ઈશ્વરના દૂતની સમક્ષ તું એમ કહેતો નહિ કે મારાથી એ ભૂલ થઈ ગઈ. શા માટે તારા બોલવાથી ઈશ્વર કોપાયમાન થાય અને તારા હાથનાં કામનો નાશ કરે?

संदर्भ में

जब तू परमेश्वर के लिये मन्नत माने, तब उसके पूरा करने में विलम्ब न करना; क्योंकि वह मूर्खों से प्रसन्न नहीं होता। जो मन्नत तूने मानी हो उसे पूरी करना।

मन्नत मानकर पूरी न करने से मन्नत का न मानना ही अच्छा है।

कोई वचन कहकर अपने को पाप में न फँसाना , और न परमेश्वर के दूत के सामने कहना कि यह भूल से हुआ; परमेश्वर क्यों तेरा बोल सुनकर क्रोधित हो, और तेरे हाथ के कार्यों को नष्ट करे?

क्योंकि स्वप्नों की अधिकता से व्यर्थ बातों की बहुतायत होती है: परन्तु तू परमेश्वर का भय मानना।

यदि तू किसी प्रान्त में निर्धनों पर अंधेर और न्याय और धर्म को बिगड़ता देखे, तो इससे चकित न होना; क्योंकि एक अधिकारी से बड़ा दूसरा रहता है जिसे इन बातों की सुधि रहती है, और उनसे भी और अधिक बड़े रहते हैं।

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