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Methodist Church Nadiad
क्योंकि मनुष्य के क्षणिक व्यर्थ जीवन में जो वह परछाई के समान बिताता है कौन जानता है कि उसके लिये अच्छा क्या है? क्योंकि मनुष्य को कौन बता सकता है कि उसके बाद सूर्य के नीचे क्या होगा?

सभोपदेशक ६:१२ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishEcclesiastes 6:12
For who knows what is good for man in life, all the days of his vain life which he spends like a shadow? For who can tell a man what will be after him under the sun?
ગુજરાતીસભાશિક્ષક ૬:૧૨
કારણ કે મનુષ્ય છાયાની જેમ પોતાનું જીવન વ્યર્થ ગુમાવે છે, તેના જીવનના સર્વ દિવસોમાં તેને માટે શું સારું છે તે કોણ જાણે છે? કેમ કે કોઈ માણસની પાછળ દુનિયામાં શું થવાનું છે તે તેને કોણ કહી શકે?

संदर्भ में

१०जो कुछ हुआ है उसका नाम युग के आरम्भ से रखा गया है, और यह प्रगट है कि वह आदमी है, कि वह उससे जो उससे अधिक शक्तिमान है झगड़ा नहीं कर सकता है।

११बहुत सी ऐसी बातें हैं जिनके कारण जीवन और भी व्यर्थ होता है तो फिर मनुष्य को क्या लाभ?

१२क्योंकि मनुष्य के क्षणिक व्यर्थ जीवन में जो वह परछाई के समान बिताता है कौन जानता है कि उसके लिये अच्छा क्या है? क्योंकि मनुष्य को कौन बता सकता है कि उसके बाद सूर्य के नीचे क्या होगा?

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