सभोपदेशक ६:७
मनुष्य का सारा परिश्रम उसके पेट के लिये होता है तो भी उसका मन नहीं भरता।सभोपदेशक ६:७ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Ecclesiastes 6:7
- All the labor of man is for his mouth, and yet the appetite is not filled.
- ગુજરાતી — સભાશિક્ષક ૬:૭
- મનુષ્યની સર્વ મહેનત તેના પોતાના પેટ માટે છે. છતાં તેની ક્ષુધા તૃપ્ત થતી નથી.
संदर्भ में
५और न सूर्य को देखा, न किसी चीज को जानने पाया; तो भी इसको उस मनुष्य से अधिक चैन मिला।
६हाँ चाहे वह दो हजार वर्ष जीवित रहे, और कुछ सुख भोगने न पाए, तो उसे क्या? क्या सब के सब एक ही स्थान में नहीं जाते?
७मनुष्य का सारा परिश्रम उसके पेट के लिये होता है तो भी उसका मन नहीं भरता।
८जो बुद्धिमान है वह मूर्ख से किस बात में बढ़कर है? और कंगाल जो यह जानता है कि इस जीवन में किस प्रकार से चलना चाहिये , वह भी उससे किस बात में बढ़कर है?
९आँखों से देख लेना मन की चंचलता से उत्तम है: यह भी व्यर्थ और वायु को पकड़ना है।
