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Methodist Church Nadiad
अपने को बहुत धर्मी न बना, और न अपने को अधिक बुद्धिमान बना; तू क्यों अपने ही नाश का कारण हो?

सभोपदेशक ७:१६ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishEcclesiastes 7:16
Don’t be overly righteous, neither make yourself overly wise. Why should you destroy yourself?
ગુજરાતીસભાશિક્ષક ૭:૧૬
પોતાની નજરમાં વધારે નેક ન થા. કે વધારે દોઢડાહ્યો ન થા એમ કરીને શા માટે પોતાનો વિનાશ નોતરે છે?

संदर्भ में

१४सुख के दिन सुख मान, और दुःख के दिन सोच; क्योंकि परमेश्वर ने दोनों को एक ही संग रखा है, जिससे मनुष्य अपने बाद होनेवाली किसी बात को न समझ सके।

१५अपने व्यर्थ जीवन में मैंने यह सब कुछ देखा है; कोई धर्मी अपने धार्मिकता का काम करते हुए नाश हो जाता है, और दुष्ट बुराई करते हुए दीर्घायु होता है।

१६अपने को बहुत धर्मी न बना, और न अपने को अधिक बुद्धिमान बना; तू क्यों अपने ही नाश का कारण हो?

१७अत्यन्त दुष्ट भी न बन, और न मूर्ख हो; तू क्यों अपने समय से पहले मरे?

१८यह अच्छा है कि तू इस बात को पकड़े रहे; और उस बात पर से भी हाथ न उठाए; क्योंकि जो परमेश्वर का भय मानता है वह इन सब कठिनाइयों से पार हो जाएगा।

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