सभोपदेशक ७:२६
और मैंने मृत्यु से भी अधिक दुःखदाई एक वस्तु पाई, अर्थात् वह स्त्री जिसका मन फंदा और जाल है और जिसके हाथ हथकड़ियाँ है; जिस पुरुष से परमेश्वर प्रसन्न है वही उससे बचेगा, परन्तु पापी उसका शिकार होगा।सभोपदेशक ७:२६ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Ecclesiastes 7:26
- I find more bitter than death the woman whose heart is snares and traps, whose hands are chains. Whoever pleases God shall escape from her; but the sinner will be ensnared by her.
- ગુજરાતી — સભાશિક્ષક ૭:૨૬
- તેથી મેં જાણ્યું કે મૃત્યુ કરતાં પણ એક વસ્તુ વધારે કષ્ટદાયક છે, તે એ છે કે જેનું અંત:કરણ ફાંદા તથા જાળરૂપ છે તથા જેના હાથ બંધન સમાન છે તેવી સ્ત્રી. જે કોઈ ઈશ્વરને પ્રસન્ન કરે છે તે તેનાથી નાસી છૂટશે, પરંતુ પાપી તેની જાળમાં સપડાઈ જશે.
संदर्भ में
२४वह जो दूर और अत्यन्त गहरा है , उसका भेद कौन पा सकता है?
२५मैंने अपना मन लगाया कि बुद्धि के विषय में जान लूँ; कि खोज निकालूँ और उसका भेद जानूँ, और कि दुष्टता की मूर्खता और मूर्खता जो निरा बावलापन है, को जानूँ।
२६और मैंने मृत्यु से भी अधिक दुःखदाई एक वस्तु पाई, अर्थात् वह स्त्री जिसका मन फंदा और जाल है और जिसके हाथ हथकड़ियाँ है; जिस पुरुष से परमेश्वर प्रसन्न है वही उससे बचेगा, परन्तु पापी उसका शिकार होगा।
२७देख, उपदेशक कहता है, मैंने ज्ञान के लिये अलग-अलग बातें मिलाकर जाँची, और यह बात निकाली,
२८जिसे मेरा मन अब तक ढूँढ़ रहा है, परन्तु नहीं पाया। हजार में से मैंने एक पुरुष को पाया, परन्तु उनमें एक भी स्त्री नहीं पाई।
