सभोपदेशक ९:१२
क्योंकि मनुष्य अपना समय नहीं जानता। जैसे मछलियाँ दुःखदाई जाल में और चिड़ियें फंदे में फँसती हैं, वैसे ही मनुष्य दुःखदाई समय में जो उन पर अचानक आ पड़ता है, फँस जाते हैं।सभोपदेशक ९:१२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Ecclesiastes 9:12
- For man also doesn’t know his time. As the fish that are taken in an evil net, and as the birds that are caught in the snare, even so are the sons of men snared in an evil time, when it falls suddenly on them.
- ગુજરાતી — સભાશિક્ષક ૯:૧૨
- કોઈ પણ મનુષ્ય પોતાનો સમય જાણતો નથી; કેમ કે જેમ માછલાં ક્રૂર જાળમાં સપડાઈ જાય છે, અને જેમ પક્ષીઓ ફાંદામાં ફસાય છે, તેમ જ ખરાબ સમય માણસો ઉપર એકાએક આવી પડે છે, અને તેમને ફસાવે છે.
संदर्भ में
१०जो काम तुझे मिले उसे अपनी शक्ति भर करना, क्योंकि अधोलोक में जहाँ तू जानेवाला है, न काम न युक्ति न ज्ञान और न बुद्धि है।
११फिर मैंने सूर्य के नीचे देखा कि न तो दौड़ में वेग दौड़नेवाले और न युद्ध में शूरवीर जीतते; न बुद्धिमान लोग रोटी पाते, न समझवाले धन, और न प्रवीणों पर अनुग्रह होता है, वे सब समय और संयोग के वश में है।
१२क्योंकि मनुष्य अपना समय नहीं जानता। जैसे मछलियाँ दुःखदाई जाल में और चिड़ियें फंदे में फँसती हैं, वैसे ही मनुष्य दुःखदाई समय में जो उन पर अचानक आ पड़ता है, फँस जाते हैं।
१३मैंने सूर्य के नीचे इस प्रकार की बुद्धि की बात भी देखी है, जो मुझे बड़ी जान पड़ी।
१४एक छोटा सा नगर था, जिसमें थोड़े ही लोग थे; और किसी बड़े राजा ने उस पर चढ़ाई करके उसे घेर लिया, और उसके विरुद्ध बड़ी मोर्चाबन्दी कर दी।
