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Methodist Church Nadiad
तब मैंने कहा, “यद्यपि दरिद्र की बुद्धि तुच्छ समझी जाती है और उसका वचन कोई नहीं सुनता तो भी पराक्रम से बुद्धि उत्तम है।”

सभोपदेशक ९:१६ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishEcclesiastes 9:16
Then I said, “Wisdom is better than strength.” Nevertheless the poor man’s wisdom is despised, and his words are not heard.
ગુજરાતીસભાશિક્ષક ૯:૧૬
ત્યારે મેં કહ્યું કે, બળ કરતાં બુદ્ધિ ઉત્તમ છે, તેમ છતાં ગરીબ માણસની બુદ્ધિને તુચ્છ ગણવામાં આવે છે, અને તેનું કહેવું કોઈ સાંભળતું નથી.

संदर्भ में

१४एक छोटा सा नगर था, जिसमें थोड़े ही लोग थे; और किसी बड़े राजा ने उस पर चढ़ाई करके उसे घेर लिया, और उसके विरुद्ध बड़ी मोर्चाबन्दी कर दी।

१५परन्तु उसमें एक दरिद्र बुद्धिमान पुरुष पाया गया, और उसने उस नगर को अपनी बुद्धि के द्वारा बचाया। तो भी किसी ने उस दरिद्र पुरुष का स्मरण न रखा।

१६तब मैंने कहा, “यद्यपि दरिद्र की बुद्धि तुच्छ समझी जाती है और उसका वचन कोई नहीं सुनता तो भी पराक्रम से बुद्धि उत्तम है।”

१७बुद्धिमानों के वचन जो धीमे-धीमे कहे जाते हैं वे मूर्खों के बीच प्रभुता करनेवाले के चिल्ला चिल्लाकर कहने से अधिक सुने जाते हैं।

१८लड़ाई के हथियारों से बुद्धि उत्तम है, परन्तु एक पापी बहुत सी भलाई का नाश करता है।

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