एस्तेर २:१५
जब मोर्दकै के चाचा अबीहैल की बेटी एस्तेर, जिसको मोर्दकै ने बेटी मानकर रखा था, उसकी बारी आई कि राजा के पास जाए, तब जो कुछ स्त्रियों के प्रबन्धक राजा के खोजे हेगे ने उसके लिये ठहराया था, उससे अधिक उसने और कुछ न माँगा। जितनों ने एस्तेर को देखा, वे सब उससे प्रसन्न हुए।एस्तेर २:१५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Esther 2:15
- Now when the turn of Esther, the daughter of Abihail the uncle of Mordecai, who had taken her for his daughter, came to go in to the king, she required nothing but what Hegai the king’s eunuch, the keeper of the women, advised. Esther obtained favor in the sight of all those who looked at her.
- ગુજરાતી — એસ્તેર ૨:૧૫
- હવે મોર્દખાયે પોતાના કાકા અબિહાઈલની પુત્રી એસ્તેરને પોતાની દીકરી કરી લીધી હતી, તેનો રાજા પાસે અંદર જવાનો ક્રમ આવ્યો ત્યારે એસ્તેરે રાજાના ખોજા તથા સ્ત્રીરક્ષક હેગેએ જે ઠરાવ્યું હતું તે સિવાય બીજું કંઈપણ માગ્યું નહિ. જેઓએ એસ્તેરને જોઈ તે સર્વએ તેની પ્રશંસા કરી.
संदर्भ में
१३इस प्रकार से वह कन्या जब राजा के पास जाती थी, तब जो कुछ वह चाहती कि रनवास से राजभवन में ले जाए, वह उसको दिया जाता था।
१४साँझ को तो वह जाती थी और सवेरे को वह लौटकर रनवास के दूसरे घर में जाकर रखैलों के प्रबन्धक राजा के खोजे शाशगज के अधिकार में हो जाती थी, और राजा के पास फिर नहीं जाती थी। और यदि राजा उससे प्रसन्न हो जाता था, तब वह नाम लेकर बुलाई जाती थी।
१५जब मोर्दकै के चाचा अबीहैल की बेटी एस्तेर, जिसको मोर्दकै ने बेटी मानकर रखा था, उसकी बारी आई कि राजा के पास जाए, तब जो कुछ स्त्रियों के प्रबन्धक राजा के खोजे हेगे ने उसके लिये ठहराया था, उससे अधिक उसने और कुछ न माँगा। जितनों ने एस्तेर को देखा, वे सब उससे प्रसन्न हुए।
१६अतः एस्तेर राजभवन में राजा क्षयर्ष के पास उसके राज्य के सातवें वर्ष के तेबेत नामक दसवें महीने में पहुँचाई गई।
१७और राजा ने एस्तेर को और सब स्त्रियों से अधिक प्यार किया, और अन्य सब कुँवारियों से अधिक उसके अनुग्रह और कृपा की दृष्टि उसी पर हुई, इस कारण उसने उसके सिर पर राजमुकुट रखा और उसको वशती के स्थान पर रानी बनाया।
