एस्तेर ३:१२
फिर उसी पहले महीने के तेरहवें दिन को राजा के लेखक बुलाए गए, और हामान की आज्ञा के अनुसार राजा के सब अधिपतियों, और सब प्रान्तों के प्रधानों, और देश-देश के लोगों के हाकिमों के लिये चिट्ठियाँ, एक-एक प्रान्त के अक्षरों में, और एक-एक देश के लोगों की भाषा में राजा क्षयर्ष के नाम से लिखी गईं; और उनमें राजा की मुहर वाली अंगूठी की छाप लगाई गई।एस्तेर ३:१२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Esther 3:12
- Then the king’s scribes were called in on the first month, on the thirteenth day of the month; and all that Haman commanded was written to the king’s local governors, and to the governors who were over every province, and to the princes of every people, to every province according to its writing, and to every people in their language. It was written in the name of King Ahasuerus, and it was sealed with the king’s ring.
- ગુજરાતી — એસ્તેર ૩:૧૨
- ત્યાર બાદ પહેલા મહિનાને તેરમે દિવસે રાજાના મંત્રીઓને બોલાવવામાં આવ્યા; અને હામાને જે સર્વ આજ્ઞાઓ આપી તે પ્રમાણે રાજાના અમલદારો પર, દરેક પ્રાંતના સૂબાઓ પર, તથા દરેક પ્રજાના સરદારો પર, અર્થાત્ દરેક પ્રાંતની લિપિમાં અને દરેક પ્રાંતની ભાષા પ્રમાણે લખવામાં આવ્યું; અને અહાશ્વેરોશ રાજાને નામે તે હુકમો લખાયા અને રાજાની મુદ્રિકાથી તેના પર મહોર મારવામાં આવી.
संदर्भ में
१०तब राजा ने अपनी मुहर वाली अंगूठी अपने हाथ से उतारकर अगागी हम्मदाता के पुत्र हामान को, जो यहूदियों का बैरी था दे दी।
११और राजा ने हामान से कहा, “वह चाँदी तुझे दी गई है, और वे लोग भी, ताकि तू उनसे जैसा तेरा जी चाहे वैसा ही व्यवहार करे।”
१२फिर उसी पहले महीने के तेरहवें दिन को राजा के लेखक बुलाए गए, और हामान की आज्ञा के अनुसार राजा के सब अधिपतियों, और सब प्रान्तों के प्रधानों, और देश-देश के लोगों के हाकिमों के लिये चिट्ठियाँ, एक-एक प्रान्त के अक्षरों में, और एक-एक देश के लोगों की भाषा में राजा क्षयर्ष के नाम से लिखी गईं; और उनमें राजा की मुहर वाली अंगूठी की छाप लगाई गई।
१३राज्य के सब प्रान्तों में इस आशय की चिट्ठियाँ हर डाकियों के द्वारा भेजी गई कि एक ही दिन में, अर्थात् अदार नामक बारहवें महीने के तेरहवें दिन को, क्या जवान, क्या बूढ़ा, क्या स्त्री, क्या बालक, सब यहूदी घात और नाश किए जाएँ; और उनकी धन-सम्पत्ति लूट ली जाए।
१४उस आज्ञा के लेख की नकलें सब प्रान्तों में खुली हुई भेजी गईं कि सब देशों के लोग उस दिन के लिये तैयार हो जाएँ।
