यहेजकेल ३१:१४
यह इसलिए हुआ है कि जल के पास के सब वृक्षों में से कोई अपनी ऊँचाई न बढ़ाए, न अपनी फुनगी को बादलों तक पहुँचाए, और उनमें से जितने जल पाकर दृढ़ हो गए हैं वे ऊँचे होने के कारण सिर न उठाए; क्योंकि वे भी सब के सब कब्र में गड़े हुए मनुष्यों के समान मृत्यु के वश करके अधोलोक में डाल दिए जाएँगे।यहेजकेल ३१:१४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Ezekiel 31:14
- to the end that none of all the trees by the waters exalt themselves in their stature, and don’t set their top among the thick boughs. Their mighty ones don’t stand up on their height, even all who drink water; for they are all delivered to death, to the lower parts of the earth, among the children of men, with those who go down to the pit.’
- ગુજરાતી — હઝકિયેલ ૩૧:૧૪
- એવું બને કે પાણી પાસેનાં વૃક્ષો તથા પાણી પીનારાં સર્વ વૃક્ષોમાંના કોઈ પણ કદમાં ઊંચા ન થઈ જાય, પોતાની ટોચ વાદળ સુધી ના પહોંચાડે, કેમ કે પાણી પીનારા વૃક્ષ બીજા વૃક્ષ કરતાં કદી ઊંચે નહિ થાય. કેમ કે તેઓ બીજા મનુષ્યો સાથે કબરમાં ઊતરી જનારાઓના ભેગા મોતને અધોલોકને સ્વાધીન કરવામાં આવ્યા છે.”
संदर्भ में
१२परदेशी, जो जातियों में भयानक लोग हैं, वे उसको काटकर छोड़ देंगे, उसकी डालियाँ पहाड़ों पर, और सब तराइयों में गिराई जाएँगी, और उसकी शाखाएँ देश के सब नालों में टूटी पड़ी रहेंगी, और जाति-जाति के सब लोग उसकी छाया को छोड़कर चले जाएँगे।
१३उस गिरे हुए वृक्ष पर आकाश के सब पक्षी बसेरा करते हैं, और उसकी शाखाओं के ऊपर मैदान के सब जीवजन्तु चढ़ने पाते हैं।
१४यह इसलिए हुआ है कि जल के पास के सब वृक्षों में से कोई अपनी ऊँचाई न बढ़ाए, न अपनी फुनगी को बादलों तक पहुँचाए, और उनमें से जितने जल पाकर दृढ़ हो गए हैं वे ऊँचे होने के कारण सिर न उठाए; क्योंकि वे भी सब के सब कब्र में गड़े हुए मनुष्यों के समान मृत्यु के वश करके अधोलोक में डाल दिए जाएँगे।
१५“परमेश्वर यहोवा यह कहता है: जिस दिन वह अधोलोक में उतर गया, उस दिन मैंने विलाप कराया और गहरे समुद्र को ढाँप दिया , और नदियों का बहुत जल रुक गया; और उसके कारण मैंने लबानोन पर उदासी छा दी, और मैदान के सब वृक्ष मूर्छित हुए।
१६जब मैंने उसको कब्र में गड़े हुओं के पास अधोलोक में फेंक दिया, तब उसके गिरने के शब्द से जाति-जाति थरथरा गई, और अदन के सब वृक्ष अर्थात् लबानोन के उत्तम-उत्तम वृक्षों ने, जितने उससे जल पाते हैं, उन सभी ने अधोलोक में शान्ति पाई।
