Skip to content
Methodist Church Nadiad
उसने मुझसे कहा, “हे मनुष्य के सन्तान, यहोवा की यह वाणी है, यह तो मेरे सिंहासन का स्थान और मेरे पाँव रखने की जगह है, जहाँ मैं इस्राएल के बीच सदा वास किए रहूँगा। और न तो इस्राएल का घराना, और न उसके राजा अपने व्यभिचार से, या अपने ऊँचे स्थानों में अपने राजाओं के शवों के द्वारा मेरा पवित्र नाम फिर अशुद्ध ठहराएँगे।

यहेजकेल ४३:७ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishEzekiel 43:7
He said to me, “Son of man, this is the place of my throne and the place of the soles of my feet, where I will dwell among the children of Israel forever. The house of Israel will no more defile my holy name, neither they nor their kings, by their prostitution and by the dead bodies of their kings in their high places;
ગુજરાતીહઝકિયેલ ૪૩:૭
તેણે મને કહ્યું, “હે મનુષ્યપુત્ર, આ મારું સિંહાસન તથા મારા પગના તળિયાની જગ્યા છે. જ્યાં હું ઇઝરાયલી લોકો વચ્ચે સદાકાળ સુધી રહીશ. ઇઝરાયલી લોકો ફરી કદી મારા પવિત્ર નામને અપવિત્ર કરશે નહિ, તેઓ કે તેઓના રાજાઓ તેઓના વ્યભિચારથી તથા તેઓના રાજાઓના મૃતદેહોથી ભ્રષ્ટ કરશે નહિ.

संदर्भ में

तब परमेश्वर के आत्मा ने मुझे उठाकर भीतरी आँगन में पहुँचाया; और यहोवा का तेज भवन में भरा था।

तब मैंने एक जन का शब्द सुना, जो भवन में से मुझसे बोल रहा था, और वह पुरुष मेरे पास खड़ा था।

उसने मुझसे कहा, “हे मनुष्य के सन्तान, यहोवा की यह वाणी है, यह तो मेरे सिंहासन का स्थान और मेरे पाँव रखने की जगह है, जहाँ मैं इस्राएल के बीच सदा वास किए रहूँगा। और न तो इस्राएल का घराना, और न उसके राजा अपने व्यभिचार से, या अपने ऊँचे स्थानों में अपने राजाओं के शवों के द्वारा मेरा पवित्र नाम फिर अशुद्ध ठहराएँगे।

वे अपनी डेवढ़ी मेरी डेवढ़ी के पास, और अपने द्वार के खम्भे मेरे द्वार के खम्भों के निकट बनाते थे, और मेरे और उनके बीच केवल दीवार ही थी, और उन्होंने अपने घिनौने कामों से मेरा पवित्र नाम अशुद्ध ठहराया था; इसलिए मैंने कोप करके उन्हें नाश किया।

अब वे अपना व्यभिचार और अपने राजाओं के शव मेरे सम्मुख से दूर कर दें, तब मैं उनके बीच सदा वास किए रहूँगा।

पूरा अध्याय पढ़ें

Ask us anything

Try asking

This assistant searches this website and the Bible, and uses AI for general questions about the Bible — those answers are marked. It cannot answer everything; for anything personal, please speak to our pastors.