यहेजकेल ४७:१२
नदी के दोनों किनारों पर भाँति-भाँति के खाने योग्य फलदाई वृक्ष उपजेंगे, जिनके पत्ते न मुर्झाएँगे और उनका फलना भी कभी बन्द न होगा, क्योंकि नदी का जल पवित्रस्थान से निकला है। उनमें महीने-महीने, नये-नये फल लगेंगे। उनके फल तो खाने के, और पत्ते औषधि के काम आएँगे।” (प्रका. 22:2)यहेजकेल ४७:१२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Ezekiel 47:12
- By the river banks, on both sides, will grow every tree for food, whose leaf won’t wither, neither will its fruit fail. It will produce new fruit every month, because its waters issue out of the sanctuary. Its fruit will be for food, and its leaf for healing.”
- ગુજરાતી — હઝકિયેલ ૪૭:૧૨
- નદીના બન્ને કિનારાઓ પર ખાવાલાયક ફળ આપનાર વૃક્ષ થશે. તેઓનાં પાંદડાં કરમાશે નહિ અને તેમને ફળ આવતાં કદી બંધ થશે નહિ. દર મહિને તેમને નવાં ફળ આવશે, કેમ કે, તેમને પાણી પવિત્રસ્થાનમાંથી મળે છે, તેમના ફળ ખાવા માટે અને પાંદડાં સાજાપણા માટે છે.
संदर्भ में
१०ताल के तट पर मछुए खड़े रहेंगे, और एनगदी से लेकर एनएगलैम तक वे जाल फैलाए जाएँगे, और उन्हें महासागर की सी भाँति-भाँति की अनगिनत मछलियाँ मिलेंगी।
११परन्तु ताल के पास जो दलदल और गड्ढे हैं, उनका जल मीठा न होगा; वे खारे ही रहेंगे।
१२नदी के दोनों किनारों पर भाँति-भाँति के खाने योग्य फलदाई वृक्ष उपजेंगे, जिनके पत्ते न मुर्झाएँगे और उनका फलना भी कभी बन्द न होगा, क्योंकि नदी का जल पवित्रस्थान से निकला है। उनमें महीने-महीने, नये-नये फल लगेंगे। उनके फल तो खाने के, और पत्ते औषधि के काम आएँगे।” (प्रका. 22:2)
१३परमेश्वर यहोवा यह कहता है: “जिस सीमा के भीतर तुम को यह देश अपने बारहों गोत्रों के अनुसार बाँटना पड़ेगा, वह यह है: यूसुफ को दो भाग मिलें।
१४उसे तुम एक दूसरे के समान निज भाग में पाओगे, क्योंकि मैंने शपथ खाई कि उसे तुम्हारे पितरों को दूँगा, इसलिए यह देश तुम्हारा निज भाग ठहरेगा।
