एज्रा १:४
और जो कोई किसी स्थान में रह गया हो , जहाँ वह रहता हो, उस स्थान के मनुष्य चाँदी, सोना, धन और पशु देकर उसकी सहायता करें और इससे अधिक यरूशलेम स्थित परमेश्वर के भवन के लिये अपनी-अपनी इच्छा से भी भेंट चढ़ाएँ।”एज्रा १:४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Ezra 1:4
- Whoever is left, in any place where he lives, let the men of his place help him with silver, with gold, with goods, and with animals, in addition to the free will offering for God’s house which is in Jerusalem.’”
- ગુજરાતી — એઝરા ૧:૪
- તેઓ સિવાયના, રાજ્યમાં તેઓમાંના બાકી રહેતા લોકો યરુશાલેમમાં ઈશ્વરના ઘરના બાંધકામને સારુ, ઐચ્છિકાર્પણો તરીકે ભક્તિસ્થાનનાં બાંધકામને માટે સોનું અને ચાંદી, જરૂરી સાધનો અને પશુઓ અર્પણ કરીને, તેઓને મદદ કરે.”
संदर्भ में
२“फारस का राजा कुस्रू यह कहता है: स्वर्ग के परमेश्वर यहोवा ने पृथ्वी भर का राज्य मुझे दिया है, और उसने मुझे आज्ञा दी, कि यहूदा के यरूशलेम में मेरा एक भवन बनवा ।
३उसकी समस्त प्रजा के लोगों में से तुम्हारे मध्य जो कोई हो, उसका परमेश्वर उसके साथ रहे, और वह यहूदा के यरूशलेम को जाकर इस्राएल के परमेश्वर यहोवा का भवन बनाए - जो यरूशलेम में है वही परमेश्वर है।
४और जो कोई किसी स्थान में रह गया हो , जहाँ वह रहता हो, उस स्थान के मनुष्य चाँदी, सोना, धन और पशु देकर उसकी सहायता करें और इससे अधिक यरूशलेम स्थित परमेश्वर के भवन के लिये अपनी-अपनी इच्छा से भी भेंट चढ़ाएँ।”
५तब यहूदा और बिन्यामीन के जितने पितरों के घरानों के मुख्य पुरुषों और याजकों और लेवियों का मन परमेश्वर ने उभारा था कि जाकर यरूशलेम में यहोवा के भवन को बनाएँ, वे सब उठ खड़े हुए;
६और उनके आस-पास सब रहनेवालों ने चाँदी के पात्र, सोना, धन, पशु और अनमोल वस्तुएँ देकर, उनकी सहायता की; यह उन सबसे अधिक था, जो लोगों ने अपनी-अपनी इच्छा से दिया।
