एज्रा ३:१२
परन्तु बहुत से याजक और लेवीय और पूर्वजों के घरानों के मुख्य पुरुष, अर्थात् वे बूढ़े जिन्होंने पहला भवन देखा था, जब इस भवन की नींव उनकी आँखों के सामने पड़ी तब फूट फूटकर रोने लगे, और बहुत से आनन्द के मारे ऊँचे शब्द से जयजयकार कर रहे थे।एज्रा ३:१२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Ezra 3:12
- But many of the priests and Levites and heads of fathers’ households, the old men who had seen the first house, when the foundation of this house was laid before their eyes, wept with a loud voice. Many also shouted aloud for joy,
- ગુજરાતી — એઝરા ૩:૧૨
- પણ યાજકો, લેવીઓ, પૂર્વજોના કુટુંબોના આગેવાનો તથા વડીલોમાંના ઘણા વૃદ્ધો કે જેમણે અગાઉનું ભક્તિસ્થાન જોયું હતું તેઓની નજર આગળ જયારે આ ભક્તિસ્થાનના પાયા સ્થાપવામાં આવી રહ્યાં હતા ત્યારે તેઓ પોક મૂકીને રડ્યા. પણ બીજા ઘણા લોકોએ ઊંચા અવાજે હર્ષનાદ તથા ઉત્તેજિત પોકારો કર્યાં.
संदर्भ में
१०जब राजमिस्त्रियों ने यहोवा के मन्दिर की नींव डाली, तब अपने वस्त्र पहने हुए, और तुरहियां लिये हुए याजक, और झाँझ लिये हुए आसाप के वंश के लेवीय इसलिए नियुक्त किए गए कि इस्राएलियों के राजा दाऊद की चलाई हुई रीति के अनुसार यहोवा की स्तुति करें।
११सो वे यह गा गाकर यहोवा की स्तुति और धन्यवाद करने लगे, “वह भला है, और उसकी करुणा इस्राएल पर सदैव बनी है।” और जब वे यहोवा की स्तुति करने लगे तब सब लोगों ने यह जानकर कि यहोवा के भवन की नींव अब पड़ रही है, ऊँचे शब्द से जयजयकार किया।
१२परन्तु बहुत से याजक और लेवीय और पूर्वजों के घरानों के मुख्य पुरुष, अर्थात् वे बूढ़े जिन्होंने पहला भवन देखा था, जब इस भवन की नींव उनकी आँखों के सामने पड़ी तब फूट फूटकर रोने लगे, और बहुत से आनन्द के मारे ऊँचे शब्द से जयजयकार कर रहे थे।
१३इसलिए लोग, आनन्द के जयजयकार का शब्द, लोगों के रोने के शब्द से अलग पहचान न सके, क्योंकि लोग ऊँचे शब्द से जयजयकार कर रहे थे, और वह शब्द दूर तक सुनाई देता था।
