एज्रा ७:२२
अर्थात् सौ किक्कार तक चाँदी, सौ कोर तक गेहूँ, सौ बत तक दाखमधु, सौ बत तक तेल और नमक जितना चाहिये उतना दिया जाए।एज्रा ७:२२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Ezra 7:22
- up to one hundred talents of silver, and to one hundred cors of wheat, and to one hundred baths of wine, and to one hundred baths of oil, and salt without prescribing how much.
- ગુજરાતી — એઝરા ૭:૨૨
- ત્રણ હજાર ચારસો કિલો ચાંદી, દસ હજાર કિલો ઘઉં, બે હજાર લિટર દ્રાક્ષારસ અને બે હજાર લિટર તેલ અને જોઈએ તેટલું મીઠું પણ આપવું.
संदर्भ में
२०इनसे अधिक जो कुछ तुझे अपने परमेश्वर के भवन के लिये आवश्यक जानकर देना पड़े, वह राज खजाने में से दे देना।
२१“मैं अर्तक्षत्र राजा यह आज्ञा देता हूँ, कि तुम महानद के पार के सब खजांचियों से जो कुछ एज्रा याजक, जो स्वर्ग के परमेश्वर की व्यवस्था का शास्त्री है, तुम लोगों से चाहे, वह फुर्ती के साथ किया जाए ।
२२अर्थात् सौ किक्कार तक चाँदी, सौ कोर तक गेहूँ, सौ बत तक दाखमधु, सौ बत तक तेल और नमक जितना चाहिये उतना दिया जाए।
२३जो-जो आज्ञा स्वर्ग के परमेश्वर की ओर से मिले, ठीक उसी के अनुसार स्वर्ग के परमेश्वर के भवन के लिये किया जाए, राजा और राजकुमारों के राज्य पर परमेश्वर का क्रोध क्यों भड़कने पाए।
२४फिर हम तुम को चिता देते हैं, कि परमेश्वर के उस भवन के किसी याजक, लेवीय, गवैये, द्वारपाल, नतीन या और किसी सेवक से कर, चुंगी, अथवा राहदारी लेने की आज्ञा नहीं है ।
