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Methodist Church Nadiad
अब मैं क्या मनुष्यों को मनाता हूँ या परमेश्वर को? क्या मैं मनुष्यों को प्रसन्न करना चाहता हूँ? यदि मैं अब तक मनुष्यों को ही प्रसन्न करता रहता , तो मसीह का दास न होता।

गलातियों १:१० · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishGalatians 1:10
For am I now seeking the favor of men, or of God? Or am I striving to please men? For if I were still pleasing men, I wouldn’t be a servant of Christ.
ગુજરાતીગલાતીઓને પત્ર ૧:૧૦
તો શું હું અત્યારે માણસોની કૃપા ઇચ્છું છું કે ઈશ્વરની? અથવા શું હું માણસોને ખુશ કરવા ચાહું છું? જો હજી સુધી હું માણસોને ખુશ રાખતો હોઉં, તો હું ખ્રિસ્તનો સેવક નથી.

संदर्भ में

परन्तु यदि हम या स्वर्ग से कोई दूत भी उस सुसमाचार को छोड़ जो हमने तुम को सुनाया है, कोई और सुसमाचार तुम्हें सुनाए, तो श्रापित हो।

जैसा हम पहले कह चुके हैं, वैसा ही मैं अब फिर कहता हूँ, कि उस सुसमाचार को छोड़ जिसे तुम ने ग्रहण किया है, यदि कोई और सुसमाचार सुनाता है, तो श्रापित हो।

१०अब मैं क्या मनुष्यों को मनाता हूँ या परमेश्वर को? क्या मैं मनुष्यों को प्रसन्न करना चाहता हूँ? यदि मैं अब तक मनुष्यों को ही प्रसन्न करता रहता , तो मसीह का दास न होता।

११हे भाइयों, मैं तुम्हें जताए देता हूँ, कि जो सुसमाचार मैंने सुनाया है, वह मनुष्य का नहीं।

१२क्योंकि वह मुझे मनुष्य की ओर से नहीं पहुँचा , और न मुझे सिखाया गया, पर यीशु मसीह के प्रकाशन से मिला।

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