Skip to content
Methodist Church Nadiad
अतः जितने लोग व्यवस्था के कामों पर भरोसा रखते हैं, वे सब श्राप के अधीन हैं, क्योंकि लिखा है, “जो कोई व्यवस्था की पुस्तक में लिखी हुई सब बातों के करने में स्थिर नहीं रहता, वह श्रापित है।” (याकू. 2:10,12, व्यव. 27:26)

गलातियों ३:१० · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishGalatians 3:10
For as many as are of the works of the law are under a curse. For it is written, “Cursed is everyone who doesn’t continue in all things that are written in the book of the law, to do them.”
ગુજરાતીગલાતીઓને પત્ર ૩:૧૦
કેમ કે જેટલાં નિયમશાસ્ત્રનાં કાર્યો કરનારા છે તેટલાં શાપ નીચે છે, કેમ કે એમ લખ્યું છે કે, ‘નિયમશાસ્ત્રના પુસ્તકમાં જે આજ્ઞાઓ લખેલી છે તે બધી જે પાલન કરતો નથી, તે શાપિત છે.’”

संदर्भ में

और पवित्रशास्त्र ने पहले ही से यह जानकर, कि परमेश्वर अन्यजातियों को विश्वास से धर्मी ठहराएगा, पहले ही से अब्राहम को यह सुसमाचार सुना दिया, कि “तुझ में सब जातियाँ आशीष पाएँगी।” (उत्प. 12:3, उत्प. 18:18)

तो जो विश्वास करनेवाले हैं, वे विश्वासी अब्राहम के साथ आशीष पाते हैं।

१०अतः जितने लोग व्यवस्था के कामों पर भरोसा रखते हैं, वे सब श्राप के अधीन हैं, क्योंकि लिखा है, “जो कोई व्यवस्था की पुस्तक में लिखी हुई सब बातों के करने में स्थिर नहीं रहता, वह श्रापित है।” (याकू. 2:10,12, व्यव. 27:26)

११पर यह बात प्रगट है, कि व्यवस्था के द्वारा परमेश्वर के यहाँ कोई धर्मी नहीं ठहरता क्योंकि धर्मी जन विश्वास से जीवित रहेगा।

१२पर व्यवस्था का विश्वास से कुछ सम्बंध नहीं; पर “जो उनको मानेगा, वह उनके कारण जीवित रहेगा।” (लैव्य. 18:5)

पूरा अध्याय पढ़ें

Ask us anything

Try asking

This assistant searches this website and the Bible, and uses AI for general questions about the Bible — those answers are marked. It cannot answer everything; for anything personal, please speak to our pastors.