उत्पत्ति १:२
पृथ्वी बेडौल और सुनसान पड़ी थी, और गहरे जल के ऊपर अंधियारा था; तथा परमेश्वर का आत्मा जल के ऊपर मण्डराता था। (2 कुरि. 4:6)उत्पत्ति १:२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Genesis 1:2
- The earth was formless and empty. Darkness was on the surface of the deep and God’s Spirit was hovering over the surface of the waters.
- ગુજરાતી — ઉત્પત્તિ ૧:૨
- પૃથ્વી અસ્તવ્યસ્ત તથા ખાલી હતી. પાણી પર અંધારું હતું. ઈશ્વરનો આત્મા પાણી પર ફરતો હતો.
संदर्भ में
१आदि में परमेश्वर ने आकाश और पृथ्वी की सृष्टि की। (इब्रा. 1:10, इब्रा. 11:3)
२पृथ्वी बेडौल और सुनसान पड़ी थी, और गहरे जल के ऊपर अंधियारा था; तथा परमेश्वर का आत्मा जल के ऊपर मण्डराता था। (2 कुरि. 4:6)
३तब परमेश्वर ने कहा, “उजियाला हो,” तो उजियाला हो गया।
४और परमेश्वर ने उजियाले को देखा कि अच्छा है ; और परमेश्वर ने उजियाले को अंधियारे से अलग किया।
