Skip to content
Methodist Church Nadiad
पर भले या बुरे के ज्ञान का जो वृक्ष है, उसका फल तू कभी न खाना: क्योंकि जिस दिन तू उसका फल खाएगा उसी दिन अवश्य मर जाएगा।”

उत्पत्ति २:१७ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishGenesis 2:17
but you shall not eat of the tree of the knowledge of good and evil; for in the day that you eat of it, you will surely die.”
ગુજરાતીઉત્પત્તિ ૨:૧૭
પણ સારું અને નરસું જાણવાના વૃક્ષનું ફળ તું ખાઈશ નહિ, કેમ કે જે દિવસે તું તે ખાશે, તે જ દિવસે નિશ્ચે તારું મરણ થશે.”

संदर्भ में

१५तब यहोवा परमेश्वर ने आदम को लेकर अदन की वाटिका में रख दिया, कि वह उसमें काम करे और उसकी रखवाली करे।

१६और यहोवा परमेश्वर ने आदम को यह आज्ञा दी, “तू वाटिका के किसी भी वृक्षों का फल खा सकता है;

१७पर भले या बुरे के ज्ञान का जो वृक्ष है, उसका फल तू कभी न खाना: क्योंकि जिस दिन तू उसका फल खाएगा उसी दिन अवश्य मर जाएगा।”

१८फिर यहोवा परमेश्वर ने कहा, “ आदम का अकेला रहना अच्छा नहीं ; मैं उसके लिये एक ऐसा सहायक बनाऊँगा जो उसके लिये उपयुक्त होगा।” (1 कुरि. 11:9)

१९और यहोवा परमेश्वर भूमि में से सब जाति के जंगली पशुओं, और आकाश के सब भाँति के पक्षियों को रचकर आदम के पास ले आया कि देखे, कि वह उनका क्या-क्या नाम रखता है; और जिस-जिस जीवित प्राणी का जो-जो नाम आदम ने रखा वही उसका नाम हो गया।

पूरा अध्याय पढ़ें

Ask us anything

Try asking

This assistant searches this website and the Bible, and uses AI for general questions about the Bible — those answers are marked. It cannot answer everything; for anything personal, please speak to our pastors.