उत्पत्ति २:५
तब मैदान का कोई पौधा भूमि पर न था, और न मैदान का कोई छोटा पेड़ उगा था, क्योंकि यहोवा परमेश्वर ने पृथ्वी पर जल नहीं बरसाया था, और भूमि पर खेती करने के लिये मनुष्य भी नहीं था।उत्पत्ति २:५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Genesis 2:5
- No plant of the field was yet on the earth, and no herb of the field had yet sprung up; for the LORD God had not caused it to rain on the earth. There was not a man to till the ground,
- ગુજરાતી — ઉત્પત્તિ ૨:૫
- ત્યારે ખેતરની કોઈપણ વનસ્પતિ હજુ પૃથ્વીમાં ઊગી ન હતી અને ખેતરમાં અનાજ ઊગ્યું ન હતું, કેમ કે યહોવાહ ઈશ્વરે પૃથ્વી પર વરસાદ વરસાવ્યો નહોતો અને જમીનને ખેડવા માટે કોઈ માણસ ન હતું.
संदर्भ में
३और परमेश्वर ने सातवें दिन को आशीष दी और पवित्र ठहराया; क्योंकि उसमें उसने सृष्टि की रचना के अपने सारे काम से विश्राम लिया।
४आकाश और पृथ्वी की उत्पत्ति का वृत्तान्त यह है कि जब वे उत्पन्न हुए अर्थात् जिस दिन यहोवा परमेश्वर ने पृथ्वी और आकाश को बनाया।
५तब मैदान का कोई पौधा भूमि पर न था, और न मैदान का कोई छोटा पेड़ उगा था, क्योंकि यहोवा परमेश्वर ने पृथ्वी पर जल नहीं बरसाया था, और भूमि पर खेती करने के लिये मनुष्य भी नहीं था।
६लेकिन कुहरा पृथ्वी से उठता था जिससे सारी भूमि सिंच जाती थी।
७तब यहोवा परमेश्वर ने आदम को भूमि की मिट्टी से रचा, और उसके नथनों में जीवन का श्वास फूँक दिया; और आदम जीवित प्राणी बन गया। (1 कुरि. 15:45)
