उत्पत्ति २७:३६
उसने कहा, “क्या उसका नाम याकूब यथार्थ नहीं रखा गया? उसने मुझे दो बार अड़ंगा मारा, मेरा पहलौठे का अधिकार तो उसने ले ही लिया था; और अब देख, उसने मेरा आशीर्वाद भी ले लिया है।” फिर उसने कहा, “क्या तूने मेरे लिये भी कोई आशीर्वाद नहीं सोच रखा है?”उत्पत्ति २७:३६ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Genesis 27:36
- He said, “Isn’t he rightly named Jacob? For he has supplanted me these two times. He took away my birthright. See, now he has taken away my blessing.” He said, “Haven’t you reserved a blessing for me?”
- ગુજરાતી — ઉત્પત્તિ ૨૭:૩૬
- એસાવે તેને કહ્યું, “શું તેનું નામ યાકૂબ ઠીક નથી પાડ્યું? તેણે મને બે વાર છેતર્યો છે. તેણે મારું જ્યેષ્ઠપણું લઈ લીધું. અને જો, હવે તેણે મારો આશીર્વાદ પણ લઈ લીધો છે.” અને તેણે પૂછ્યું, “શું તેં મારા માટે આશીર્વાદ રાખ્યો નથી?”
संदर्भ में
३४अपने पिता की यह बात सुनते ही एसाव ने अत्यन्त ऊँचे और दुःख भरे स्वर से चिल्लाकर अपने पिता से कहा, “हे मेरे पिता, मुझ को भी आशीर्वाद दे!”
३५उसने कहा, “तेरा भाई धूर्तता से आया, और तेरे आशीर्वाद को लेकर चला गया।”
३६उसने कहा, “क्या उसका नाम याकूब यथार्थ नहीं रखा गया? उसने मुझे दो बार अड़ंगा मारा, मेरा पहलौठे का अधिकार तो उसने ले ही लिया था; और अब देख, उसने मेरा आशीर्वाद भी ले लिया है।” फिर उसने कहा, “क्या तूने मेरे लिये भी कोई आशीर्वाद नहीं सोच रखा है?”
३७इसहाक ने एसाव को उत्तर देकर कहा, “सुन, मैंने उसको तेरा स्वामी ठहराया, और उसके सब भाइयों को उसके अधीन कर दिया, और अनाज और नया दाखमधु देकर उसको पुष्ट किया है। इसलिए अब, हे मेरे पुत्र, मैं तेरे लिये क्या करूँ?”
३८एसाव ने अपने पिता से कहा, “हे मेरे पिता, क्या तेरे मन में एक ही आशीर्वाद है? हे मेरे पिता, मुझ को भी आशीर्वाद दे।” यह कहकर एसाव फूट फूटकर रोया।
