उत्पत्ति ३:१
यहोवा परमेश्वर ने जितने जंगली पशु बनाए थे, उन सब में सर्प धूर्त था, और उसने स्त्री से कहा, “क्या सच है, कि परमेश्वर ने कहा, ‘तुम इस वाटिका के किसी वृक्ष का फल न खाना’?” (प्रका. 12:9, प्रका. 20:2)उत्पत्ति ३:१ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Genesis 3:1
- Now the serpent was more subtle than any animal of the field which the LORD God had made. He said to the woman, “Has God really said, ‘You shall not eat of any tree of the garden’?”
- ગુજરાતી — ઉત્પત્તિ ૩:૧
- હવે યહોવાહ ઈશ્વરે ઉત્પન્ન કરેલાં સર્વ પ્રાણીઓમાં સાપ સૌથી વધારે ધૂર્ત હતો. તેણે સ્ત્રીને કહ્યું કે, “શું ઈશ્વરે ખરેખર તમને એવું કહ્યું છે કે, ‘વાડીના કોઈપણ વૃક્ષનું ફળ તમારે ન ખાવું?’
संदर्भ में
१यहोवा परमेश्वर ने जितने जंगली पशु बनाए थे, उन सब में सर्प धूर्त था, और उसने स्त्री से कहा, “क्या सच है, कि परमेश्वर ने कहा, ‘तुम इस वाटिका के किसी वृक्ष का फल न खाना’?” (प्रका. 12:9, प्रका. 20:2)
२स्त्री ने सर्प से कहा, “इस वाटिका के वृक्षों के फल हम खा सकते हैं;
३पर जो वृक्ष वाटिका के बीच में है, उसके फल के विषय में परमेश्वर ने कहा है कि न तो तुम उसको खाना और न ही उसको छूना, नहीं तो मर जाओगे।”
