उत्पत्ति ३:१७
और आदम से उसने कहा, “तूने जो अपनी पत्नी की बात सुनी, और जिस वृक्ष के फल के विषय मैंने तुझे आज्ञा दी थी कि तू उसे न खाना, उसको तूने खाया है, इसलिए भूमि तेरे कारण श्रापित है। तू उसकी उपज जीवन भर दुःख के साथ खाया करेगा; (इब्रा. 6:8)उत्पत्ति ३:१७ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Genesis 3:17
- To Adam he said, “Because you have listened to your wife’s voice, and have eaten from the tree, about which I commanded you, saying, ‘You shall not eat of it,’ the ground is cursed for your sake. You will eat from it with much labor all the days of your life.
- ગુજરાતી — ઉત્પત્તિ ૩:૧૭
- તેમણે આદમને કહ્યું, “કેમ કે તેં તારી પત્નીની વાત માની લીધી છે અને જે સંબંધી મેં તને આજ્ઞા આપી હતી, ‘તારે તે ન ખાવું’ તે વૃક્ષનું ફળ તેં ખાધું. તેથી તારા એ કૃત્યથી ભૂમિ શાપિત થઈ છે. તેમાંથી તું તારા આયુષ્યનાં સર્વ દિવસોમાં પરિશ્રમ કરીને ખોરાક મેળવશે.
संदर्भ में
१५और मैं तेरे और इस स्त्री के बीच में, और तेरे वंश और इसके वंश के बीच में बैर उत्पन्न करूँगा, वह तेरे सिर को कुचल डालेगा, और तू उसकी एड़ी को डसेगा।”
१६फिर स्त्री से उसने कहा, “मैं तेरी पीड़ा और तेरे गर्भवती होने के दुःख को बहुत बढ़ाऊँगा; तू पीड़ित होकर बच्चे उत्पन्न करेगी; और तेरी लालसा तेरे पति की ओर होगी, और वह तुझ पर प्रभुता करेगा।” (1 कुरि. 11:3, इफि. 5:22, कुलु. 3:18)
१७और आदम से उसने कहा, “तूने जो अपनी पत्नी की बात सुनी, और जिस वृक्ष के फल के विषय मैंने तुझे आज्ञा दी थी कि तू उसे न खाना, उसको तूने खाया है, इसलिए भूमि तेरे कारण श्रापित है। तू उसकी उपज जीवन भर दुःख के साथ खाया करेगा; (इब्रा. 6:8)
१८और वह तेरे लिये काँटे और ऊँटकटारे उगाएगी, और तू खेत की उपज खाएगा;
१९और अपने माथे के पसीने की रोटी खाया करेगा, और अन्त में मिट्टी में मिल जाएगा; क्योंकि तू उसी में से निकाला गया है, तू मिट्टी तो है और मिट्टी ही में फिर मिल जाएगा।”
