उत्पत्ति ३:६
अतः जब स्त्री ने देखा कि उस वृक्ष का फल खाने में अच्छा, और देखने में मनभाऊ, और बुद्धि देने के लिये चाहने योग्य भी है, तब उसने उसमें से तोड़कर खाया; और अपने पति को भी दिया, जो उसके साथ था और उसने भी खाया। (1 तीमु. 2:14)उत्पत्ति ३:६ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Genesis 3:6
- When the woman saw that the tree was good for food, and that it was a delight to the eyes, and that the tree was to be desired to make one wise, she took some of its fruit, and ate. Then she gave some to her husband with her, and he ate it, too.
- ગુજરાતી — ઉત્પત્તિ ૩:૬
- તે વૃક્ષનું ફળ ખાવામાં સ્વાદિષ્ટ, જોવામાં સુંદર અને તે જ્ઞાન આપવાને ઇચ્છવાજોગ છે, એવું જાણીને સ્ત્રીએ તે ફળ તોડીને ખાધું અને તેની સાથે તેનો પતિ હતો તેને પણ આપ્યું. તેણે પણ ફળ ખાધું.
संदर्भ में
४तब सर्प ने स्त्री से कहा, “तुम निश्चय न मरोगे
५वरन् परमेश्वर आप जानता है कि जिस दिन तुम उसका फल खाओगे उसी दिन तुम्हारी आँखें खुल जाएँगी, और तुम भले बुरे का ज्ञान पाकर परमेश्वर के तुल्य हो जाओगे।”
६अतः जब स्त्री ने देखा कि उस वृक्ष का फल खाने में अच्छा, और देखने में मनभाऊ, और बुद्धि देने के लिये चाहने योग्य भी है, तब उसने उसमें से तोड़कर खाया; और अपने पति को भी दिया, जो उसके साथ था और उसने भी खाया। (1 तीमु. 2:14)
७तब उन दोनों की आँखें खुल गईं, और उनको मालूम हुआ कि वे नंगे हैं; इसलिए उन्होंने अंजीर के पत्ते जोड़-जोड़कर लंगोट बना लिये।
८तब यहोवा परमेश्वर, जो दिन के ठंडे समय वाटिका में फिरता था, उसका शब्द उनको सुनाई दिया। तब आदम और उसकी पत्नी वाटिका के वृक्षों के बीच यहोवा परमेश्वर से छिप गए।
