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Methodist Church Nadiad
और याकूब के वंश का वृत्तान्त यह है: यूसुफ सत्रह वर्ष का होकर अपने भाइयों के संग भेड़-बकरियों को चराता था; और वह लड़का अपने पिता की पत्नी बिल्हा, और जिल्पा के पुत्रों के संग रहा करता था; और उनकी बुराइयों का समाचार अपने पिता के पास पहुँचाया करता था।

उत्पत्ति ३७:२ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishGenesis 37:2
This is the history of the generations of Jacob. Joseph, being seventeen years old, was feeding the flock with his brothers. He was a boy with the sons of Bilhah and Zilpah, his father’s wives. Joseph brought an evil report of them to their father.
ગુજરાતીઉત્પત્તિ ૩૭:૨
યાકૂબના વંશ સંબંધિત આ વૃતાંત છે. યૂસફ સત્તર વર્ષનો જુવાન થયો, ત્યારે તે તેના ભાઈઓની સાથે ઘેટાંબકરાં સાચવતો હતો. તે તેના પિતાની પત્નીઓ બિલ્હા તથા ઝિલ્પાના દીકરાઓની સાથે હતો. યૂસફ તેઓના દુરાચારની જાણ તેના પિતાને કરતો રહેતો હતો.

संदर्भ में

याकूब तो कनान देश में रहता था, जहाँ उसका पिता परदेशी होकर रहा था।

और याकूब के वंश का वृत्तान्त यह है: यूसुफ सत्रह वर्ष का होकर अपने भाइयों के संग भेड़-बकरियों को चराता था; और वह लड़का अपने पिता की पत्नी बिल्हा, और जिल्पा के पुत्रों के संग रहा करता था; और उनकी बुराइयों का समाचार अपने पिता के पास पहुँचाया करता था।

और इस्राएल अपने सब पुत्रों से बढ़कर यूसुफ से प्रीति रखता था, क्योंकि वह उसके बुढ़ापे का पुत्र था: और उसने उसके लिये रंग-बिरंगा अंगरखा बनवाया।

परन्तु जब उसके भाइयों ने देखा, कि हमारा पिता हम सब भाइयों से अधिक उसी से प्रीति रखता है, तब वे उससे बैर करने लगे और उसके साथ ठीक से बात भी नहीं करते थे।

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