उत्पत्ति ४१:३६
और वह भोजनवस्तु अकाल के उन सात वर्षों के लिये, जो मिस्र देश में आएँगे, देश के भोजन के निमित्त रखी रहे, जिससे देश का उस अकाल से सत्यानाश न हो जाए।”उत्पत्ति ४१:३६ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Genesis 41:36
- The food will be to supply the land against the seven years of famine, which will be in the land of Egypt; so that the land will not perish through the famine.”
- ગુજરાતી — ઉત્પત્તિ ૪૧:૩૬
- પછી દુકાળનાં જે સાત વર્ષ મિસર દેશમાં આવશે તે માટે તે અન્ન દેશને માટે સંગ્રહ થશે. આ રીતે દુકાળથી દેશનો નાશ નહિ થાય.
संदर्भ में
३४फ़िरौन यह करे कि देश पर अधिकारियों को नियुक्त करे, और जब तक सुकाल के सात वर्ष रहें तब तक वह मिस्र देश की उपज का पंचमांश लिया करे।
३५और वे इन अच्छे वर्षों में सब प्रकार की भोजनवस्तु इकट्ठा करें, और नगर-नगर में भण्डार घर भोजन के लिये, फ़िरौन के वश में करके उसकी रक्षा करें।
३६और वह भोजनवस्तु अकाल के उन सात वर्षों के लिये, जो मिस्र देश में आएँगे, देश के भोजन के निमित्त रखी रहे, जिससे देश का उस अकाल से सत्यानाश न हो जाए।”
३७यह बात फ़िरौन और उसके सारे कर्मचारियों को अच्छी लगी।
३८इसलिए फ़िरौन ने अपने कर्मचारियों से कहा, “क्या हमको ऐसा पुरुष, जैसा यह है, जिसमें परमेश्वर का आत्मा रहता है, मिल सकता है?”
