Skip to content
Methodist Church Nadiad
दूसरे का नाम उसने यह कहकर एप्रैम रखा, कि ‘मुझे दुःख भोगने के देश में परमेश्वर ने फलवन्त किया है।’

उत्पत्ति ४१:५२ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishGenesis 41:52
The name of the second, he called Ephraim: “For God has made me fruitful in the land of my affliction.”
ગુજરાતીઉત્પત્તિ ૪૧:૫૨
બીજા દીકરાનું નામ તેણે એફ્રાઇમ પાડ્યું, કેમ કે તેણે કહ્યું, “મારા દુઃખના દેશમાં ઈશ્વરે મને સફળ કર્યો છે.”

संदर्भ में

५०अकाल के प्रथम वर्ष के आने से पहले यूसुफ के दो पुत्र, ओन के याजक पोतीपेरा की बेटी आसनत से जन्मे।

५१और यूसुफ ने अपने जेठे का नाम यह कहकर मनश्शे रखा, कि ‘परमेश्वर ने मुझसे मेरा सारा क्लेश, और मेरे पिता का सारा घराना भुला दिया है।’

५२दूसरे का नाम उसने यह कहकर एप्रैम रखा, कि ‘मुझे दुःख भोगने के देश में परमेश्वर ने फलवन्त किया है।’

५३और मिस्र देश के सुकाल के सात वर्ष समाप्त हो गए।

५४और यूसुफ के कहने के अनुसार सात वर्षों के लिये अकाल आरम्भ हो गया। सब देशों में अकाल पड़ने लगा; परन्तु सारे मिस्र देश में अन्न था। (प्रेरि. 7:11)

पूरा अध्याय पढ़ें

Ask us anything

Try asking

This assistant searches this website and the Bible, and uses AI for general questions about the Bible — those answers are marked. It cannot answer everything; for anything personal, please speak to our pastors.