उत्पत्ति ४७:१९
हम तेरे देखते क्यों मरें, और हमारी भूमि क्यों उजड़ जाए? हमको और हमारी भूमि को भोजनवस्तु के बदले मोल ले, कि हम अपनी भूमि समेत फ़िरौन के दास हों और हमको बीज दे, कि हम मरने न पाएँ, वरन् जीवित रहें, और भूमि न उजड़े।”उत्पत्ति ४७:१९ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Genesis 47:19
- Why should we die before your eyes, both we and our land? Buy us and our land for bread, and we and our land will be servants to Pharaoh. Give us seed, that we may live, and not die, and that the land won’t be desolate.”
- ગુજરાતી — ઉત્પત્તિ ૪૭:૧૯
- તારા દેખતાં અમે, અમારા ખેતરો સહિત શા માટે મરણ પામીએ? અનાજને બદલે અમને તથા અમારી જમીનને વેચાતાં લે અને અમે તથા અમારા ખેતર ફારુનને હવાલે કરીશું. અમને અનાજ આપ કે અમે જીવતા રહીએ, મરીએ નહિ. અમે મજૂરી કરીશું અને જમીન પડતર નહિ રહે.”
संदर्भ में
१७तब वे अपने पशु यूसुफ के पास ले आए; और यूसुफ उनको घोड़ों, भेड़-बकरियों, गाय-बैलों और गदहों के बदले खाने को देने लगा: उस वर्ष में वह सब जाति के पशुओं के बदले भोजन देकर उनका पालन-पोषण करता रहा।
१८वह वर्ष तो बीत गया; तब अगले वर्ष में उन्होंने उसके पास आकर कहा, “हम अपने प्रभु से यह बात छिपा न रखेंगे कि हमारा रुपया समाप्त हो गया है, और हमारे सब प्रकार के पशु हमारे प्रभु के पास आ चुके हैं; इसलिए अब हमारे प्रभु के सामने हमारे शरीर और भूमि छोड़कर और कुछ नहीं रहा।
१९हम तेरे देखते क्यों मरें, और हमारी भूमि क्यों उजड़ जाए? हमको और हमारी भूमि को भोजनवस्तु के बदले मोल ले, कि हम अपनी भूमि समेत फ़िरौन के दास हों और हमको बीज दे, कि हम मरने न पाएँ, वरन् जीवित रहें, और भूमि न उजड़े।”
२०तब यूसुफ ने मिस्र की सारी भूमि को फ़िरौन के लिये मोल लिया; क्योंकि उस भयंकर अकाल के पड़ने से मिस्रियों को अपना-अपना खेत बेच डालना पड़ा। इस प्रकार सारी भूमि फ़िरौन की हो गई।
२१और एक छोर से लेकर दूसरे छोर तक सारे मिस्र देश में जो प्रजा रहती थी, उसको उसने नगरों में लाकर बसा दिया।
