Skip to content
Methodist Church Nadiad
फिर उन्होंने फ़िरौन से कहा, “हम इस देश में परदेशी की भाँति रहने के लिये आए हैं; क्योंकि कनान देश में भारी अकाल होने के कारण तेरे दासों को भेड़-बकरियों के लिये चारा न रहा; इसलिए अपने दासों को गोशेन देश में रहने की आज्ञा दे।”

उत्पत्ति ४७:४ · IRV

यह पद अन्य भाषाओं में

EnglishGenesis 47:4
They also said to Pharaoh, “We have come to live as foreigners in the land, for there is no pasture for your servants’ flocks. For the famine is severe in the land of Canaan. Now therefore, please let your servants dwell in the land of Goshen.”
ગુજરાતીઉત્પત્તિ ૪૭:૪
પછી તેઓએ ફારુનને કહ્યું, “અમે આ દેશમાં પ્રવાસી તરીકે આવ્યા છીએ. કેમ કે કનાન દેશમાં દુકાળ ભારે હોવાને લીધે અમારા ટોળાંને સારુ ચારો નથી. માટે હવે અમને કૃપા કરીને ગોશેન દેશમાં રહેવા દે.”

संदर्भ में

फिर उसने अपने भाइयों में से पाँच जन लेकर फ़िरौन के सामने खड़े कर दिए।

फ़िरौन ने उसके भाइयों से पूछा, “तुम्हारा उद्यम क्या है?” उन्होंने फ़िरौन से कहा, “तेरे दास चरवाहे हैं, और हमारे पुरखा भी ऐसे ही रहे।”

फिर उन्होंने फ़िरौन से कहा, “हम इस देश में परदेशी की भाँति रहने के लिये आए हैं; क्योंकि कनान देश में भारी अकाल होने के कारण तेरे दासों को भेड़-बकरियों के लिये चारा न रहा; इसलिए अपने दासों को गोशेन देश में रहने की आज्ञा दे।”

तब फ़िरौन ने यूसुफ से कहा, “तेरा पिता और तेरे भाई तेरे पास आ गए हैं,

और मिस्र देश तेरे सामने पड़ा है; इस देश का जो सबसे अच्छा भाग हो, उसमें अपने पिता और भाइयों को बसा दे; अर्थात् वे गोशेन देश में ही रहें; और यदि तू जानता हो, कि उनमें से परिश्रमी पुरुष हैं, तो उन्हें मेरे पशुओं के अधिकारी ठहरा दे।”

पूरा अध्याय पढ़ें

Ask us anything

Try asking

This assistant searches this website and the Bible, and uses AI for general questions about the Bible — those answers are marked. It cannot answer everything; for anything personal, please speak to our pastors.