उत्पत्ति ५०:२४
यूसुफ ने अपने भाइयों से कहा, “मैं तो मरने पर हूँ; परन्तु परमेश्वर निश्चय तुम्हारी सुधि लेगा , और तुम्हें इस देश से निकालकर उस देश में पहुँचा देगा, जिसके देने की उसने अब्राहम, इसहाक, और याकूब से शपथ खाई थी।” (इब्रा. 11:22)उत्पत्ति ५०:२४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Genesis 50:24
- Joseph said to his brothers, “I am dying, but God will surely visit you, and bring you up out of this land to the land which he swore to Abraham, to Isaac, and to Jacob.”
- ગુજરાતી — ઉત્પત્તિ ૫૦:૨૪
- જ્યારે મૃત્યુ થવાનું હતું ત્યારે યૂસફે તેના ભાઈઓ અને પરિવારને કહ્યું, “હું તો મૃત્યુ પામી રહ્યો છું પણ ઈશ્વર નિશ્ચે તમારી ખબર લેશે અને તેમણે જે દેશ સંબંધી આપણા પિતૃઓ ઇબ્રાહિમ, ઇસહાક તથા યાકૂબની આગળ પ્રતિજ્ઞા લીધી હતી, તે મુજબ ઈશ્વર આ દેશમાંથી આપણા દેશમાં તમને લઈ જશે.”
संदर्भ में
२२यूसुफ अपने पिता के घराने समेत मिस्र में रहता रहा, और यूसुफ एक सौ दस वर्ष जीवित रहा।
२३और यूसुफ एप्रैम के परपोतों तक को देखने पाया और मनश्शे के पोते, जो माकीर के पुत्र थे, वे उत्पन्न हुए और यूसुफ ने उन्हें गोद में लिया।
२४यूसुफ ने अपने भाइयों से कहा, “मैं तो मरने पर हूँ; परन्तु परमेश्वर निश्चय तुम्हारी सुधि लेगा , और तुम्हें इस देश से निकालकर उस देश में पहुँचा देगा, जिसके देने की उसने अब्राहम, इसहाक, और याकूब से शपथ खाई थी।” (इब्रा. 11:22)
२५फिर यूसुफ ने इस्राएलियों से यह कहकर कि परमेश्वर निश्चय तुम्हारी सुधि लेगा, उनको इस विषय की शपथ खिलाई, “हम तेरी हड्डियों को यहाँ से उस देश में ले जाएँगे।” (इब्रा. 11:22)
२६इस प्रकार यूसुफ एक सौ दस वर्ष का होकर मर गया: और उसके शव में सुगन्ध-द्रव्य भरे गए, और वह शव मिस्र में एक शवपेटी में रखा गया।
