हाग्गै २:१६
उन दिनों में जब कोई अन्न के बीस नपुओं की आशा से जाता, तब दस ही पाता था, और जब कोई दाखरस के कुण्ड के पास इस आशा से जाता कि पचास बर्तन भर निकालें, तब बीस ही निकलते थे।हाग्गै २:१६ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Haggai 2:16
- Through all that time, when one came to a heap of twenty measures, there were only ten. When one came to the wine vat to draw out fifty, there were only twenty.
- ગુજરાતી — હાગ્ગાય ૨:૧૬
- જ્યારે કોઈ વીસ માપ અનાજના ઢગલા પાસે આવતો, ત્યાં તેને માત્ર દશ જ માપ મળતાં, જ્યારે કોઈ દ્રાક્ષકુંડ પાસે પચાસ માપ કાઢવા આવતો ત્યારે ત્યાંથી તેને માત્ર વીસ જ મળતાં.
संदर्भ में
१४फिर हाग्गै ने कहा, “यहोवा की यही वाणी है, कि मेरी दृष्टि में यह प्रजा और यह जाति वैसी ही है, और इनके सब काम भी वैसे हैं; और जो कुछ वे वहाँ चढ़ाते हैं, वह भी अशुद्ध है;
१५“अब सोच-विचार करो कि आज से पहले अर्थात् जब यहोवा के मन्दिर में पत्थर पर पत्थर रखा ही नहीं गया था,
१६उन दिनों में जब कोई अन्न के बीस नपुओं की आशा से जाता, तब दस ही पाता था, और जब कोई दाखरस के कुण्ड के पास इस आशा से जाता कि पचास बर्तन भर निकालें, तब बीस ही निकलते थे।
१७“मैंने तुम्हारी सारी खेती को लू और गेरूई और ओलों से मारा, तो भी तुम मेरी ओर न फिरे, यहोवा की यही वाणी है।
१८अब सोच-विचार करो, कि आज से पहले अर्थात् जिस दिन यहोवा के मन्दिर की नींव डाली गई, उस दिन से लेकर नौवें महीने के इसी चौबीसवें दिन तक क्या दशा थी? इसका सोच-विचार करो।
