इब्रानियों १०:२९
तो सोच लो कि वह कितने और भी भारी दण्ड के योग्य ठहरेगा, जिसने परमेश्वर के पुत्र को पाँवों से रौंदा, और वाचा के लहू को जिसके द्वारा वह पवित्र ठहराया गया था, अपवित्र जाना हैं, और अनुग्रह की आत्मा का अपमान किया। (इब्रा. 12:25)इब्रानियों १०:२९ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Hebrews 10:29
- How much worse punishment do you think he will be judged worthy of who has trodden under foot the Son of God, and has counted the blood of the covenant with which he was sanctified an unholy thing, and has insulted the Spirit of grace?
- ગુજરાતી — હિબ્રૂઓને પત્ર ૧૦:૨૯
- તો જેણે ઈશ્વરના પુત્રને પગ નીચે કચડ્યા છે અને કરારના જે રક્તથી પોતે પવિત્ર થયા હતા તેમને અશુદ્ધ ગણ્યા છે અને જેણે કૃપાના આત્માનું અપમાન કર્યું છે, તે કેટલી બધી સખત શિક્ષાને પાત્ર થશે, તે વિષે તમે શું ધારો છો?
संदर्भ में
२७हाँ, दण्ड की एक भयानक उम्मीद और आग का ज्वलन बाकी है जो विरोधियों को भस्म कर देगा। (यशा. 26:11)
२८जबकि मूसा की व्यवस्था का न माननेवाला दो या तीन जनों की गवाही पर, बिना दया के मार डाला जाता है। (व्यव. 17:6, व्यव. 19:15)
२९तो सोच लो कि वह कितने और भी भारी दण्ड के योग्य ठहरेगा, जिसने परमेश्वर के पुत्र को पाँवों से रौंदा, और वाचा के लहू को जिसके द्वारा वह पवित्र ठहराया गया था, अपवित्र जाना हैं, और अनुग्रह की आत्मा का अपमान किया। (इब्रा. 12:25)
३०क्योंकि हम उसे जानते हैं, जिसने कहा, “पलटा लेना मेरा काम है, मैं ही बदला दूँगा।” और फिर यह, कि “प्रभु अपने लोगों का न्याय करेगा।” (व्यव. 32:35,36, भज. 135:14)
३१जीविते परमेश्वर के हाथों में पड़ना भयानक बात है।
