इब्रानियों ११:२७
विश्वास ही से राजा के क्रोध से न डरकर उसने मिस्र को छोड़ दिया, क्योंकि वह अनदेखे को मानो देखता हुआ दृढ़ रहा। (निर्ग. 2:15, निर्ग. 10:28,29)इब्रानियों ११:२७ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Hebrews 11:27
- By faith he left Egypt, not fearing the wrath of the king; for he endured, as seeing him who is invisible.
- ગુજરાતી — હિબ્રૂઓને પત્ર ૧૧:૨૭
- વિશ્વાસથી તેણે મિસરનો ત્યાગ કર્યો; અને રાજાના ક્રોધથી તે ગભરાયો નહિ. કેમ કે જાણે તે અદ્રશ્યને જોતો હોય એમ દૃઢ રહ્યો.
संदर्भ में
२५इसलिए कि उसे पाप में थोड़े दिन के सुख भोगने से परमेश्वर के लोगों के साथ दुःख भोगना और भी उत्तम लगा।
२६और मसीह के कारण निन्दित होने को मिस्र के भण्डार से बड़ा धन समझा क्योंकि उसकी आँखें फल पाने की ओर लगी थीं। (1 पत. 4:14, मत्ती 5:12)
२७विश्वास ही से राजा के क्रोध से न डरकर उसने मिस्र को छोड़ दिया, क्योंकि वह अनदेखे को मानो देखता हुआ दृढ़ रहा। (निर्ग. 2:15, निर्ग. 10:28,29)
२८विश्वास ही से उसने फसह और लहू छिड़कने की विधि मानी, कि पहिलौठों का नाश करनेवाला इस्राएलियों पर हाथ न डाले। (निर्ग. 12:21-29)
२९विश्वास ही से वे लाल समुद्र के पार ऐसे उतर गए, जैसे सूखी भूमि पर से; और जब मिस्रियों ने वैसा ही करना चाहा, तो सब डूब मरे। (निर्ग. 14:21-31)
