इब्रानियों ६:१८
ताकि दो बे-बदल बातों के द्वारा जिनके विषय में परमेश्वर का झूठा ठहरना अनहोना है, हमारा दृढ़ता से ढाढ़स बन्ध जाए, जो शरण लेने को इसलिए दौड़े हैं, कि उस आशा को जो सामने रखी हुई है प्राप्त करें। (गिन. 23:19, 1 शमू. 15:29)इब्रानियों ६:१८ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Hebrews 6:18
- that by two immutable things, in which it is impossible for God to lie, we may have a strong encouragement, who have fled for refuge to take hold of the hope set before us.
- ગુજરાતી — હિબ્રૂઓને પત્ર ૬:૧૮
- એ માટે કે જે વચન તથા સમ જેમાં ઈશ્વરથી જૂઠું બોલી શકાતું નથી, એવી બે નિશ્ચળ વાતોથી આપણને, એટલે આગળ મૂકેલી આશા પકડવા સારુ આશ્રયને માટે દોડનારાંને, પુષ્કળ પ્રમાણમાં ઉત્તેજન મળે.
संदर्भ में
१६मनुष्य तो अपने से किसी बड़े की शपथ खाया करते हैं और उनके हर एक विवाद का फैसला शपथ से पक्का होता है। (निर्ग. 22:11)
१७इसलिए जब परमेश्वर ने प्रतिज्ञा के वारिसों पर और भी साफ रीति से प्रगट करना चाहा, कि उसकी मनसा बदल नहीं सकती तो शपथ को बीच में लाया।
१८ताकि दो बे-बदल बातों के द्वारा जिनके विषय में परमेश्वर का झूठा ठहरना अनहोना है, हमारा दृढ़ता से ढाढ़स बन्ध जाए, जो शरण लेने को इसलिए दौड़े हैं, कि उस आशा को जो सामने रखी हुई है प्राप्त करें। (गिन. 23:19, 1 शमू. 15:29)
१९वह आशा हमारे प्राण के लिये ऐसा लंगर है जो स्थिर और दृढ़ है , और परदे के भीतर तक पहुँचता है। (गिन. 23:19, 1 तीमु. 2:13)
२०जहाँ यीशु ने मलिकिसिदक की रीति पर सदाकाल का महायाजक बनकर, हमारे लिये अगुआ के रूप में प्रवेश किया है।
