होशे १०:१
इस्राएल एक लहलहाती हुई दाखलता सी है, जिसमें बहुत से फल भी लगे, परन्तु ज्यों-ज्यों उसके फल बढ़े, त्यों-त्यों उसने अधिक वेदियाँ बनाईं जैसे-जैसे उसकी भूमि सुधरी, वैसे ही वे सुन्दर खम्भे बनाते गये।होशे १०:१ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Hosea 10:1
- Israel is a luxuriant vine that produces his fruit. According to the abundance of his fruit he has multiplied his altars. As their land has prospered, they have adorned their sacred stones.
- ગુજરાતી — હોશિયા ૧૦:૧
- ઇઝરાયલ ફાલેલો તથા ફળતો દ્રાક્ષાવેલો છે. તેણે ફળની અધિકતા પ્રમાણે, વધારે અને વધારે વેદીઓ બાંધી છે. તેની જમીનની ફળદ્રુપતાના પ્રમાણમાં, તેણે સુશોભિત પવિત્રસ્તંભો બનાવ્યા છે.
संदर्भ में
१इस्राएल एक लहलहाती हुई दाखलता सी है, जिसमें बहुत से फल भी लगे, परन्तु ज्यों-ज्यों उसके फल बढ़े, त्यों-त्यों उसने अधिक वेदियाँ बनाईं जैसे-जैसे उसकी भूमि सुधरी, वैसे ही वे सुन्दर खम्भे बनाते गये।
२उनका मन बटा हुआ है; अब वे दोषी ठहरेंगे। वह उनकी वेदियों को तोड़ डालेगा, और उनकी लाटों को टुकड़े-टुकड़े करेगा।
३अब वे कहेंगे, “हमारे कोई राजा नहीं है, क्योंकि हमने यहोवा का भय नहीं माना; इसलिए राजा हमारा क्या कर सकता है?”
