यशायाह २५:४
क्योंकि तू संकट में दीनों के लिये गढ़, और जब भयानक लोगों का झोंका दीवार पर बौछार के समान होता था, तब तू दरिद्रों के लिये उनकी शरण, और तपन में छाया का स्थान हुआ।यशायाह २५:४ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Isaiah 25:4
- For you have been a stronghold to the poor, a stronghold to the needy in his distress, a refuge from the storm, a shade from the heat, when the blast of the dreaded ones is like a storm against the wall.
- ગુજરાતી — યશાયા ૨૫:૪
- જ્યારે દુષ્ટ લોકોનો વિસ્ફોટ કોટ પરના તોફાન જેવો થશે, ત્યારે તમે ગરીબોના રક્ષક, સંકટ સમયે દીનોના આધાર, તોફાનની સામે આશ્રય અને તડકાની સામે છાયા થશો.
संदर्भ में
२तूने नगर को ढेर बना डाला, और उस गढ़वाले नगर को खण्डहर कर डाला है; तूने परदेशियों की राजपुरी को ऐसा उजाड़ा कि वह नगर नहीं रहा; वह फिर कभी बसाया न जाएगा।
३इस कारण बलवन्त राज्य के लोग तेरी महिमा करेंगे; भयंकर जातियों के नगरों में तेरा भय माना जाएगा।
४क्योंकि तू संकट में दीनों के लिये गढ़, और जब भयानक लोगों का झोंका दीवार पर बौछार के समान होता था, तब तू दरिद्रों के लिये उनकी शरण, और तपन में छाया का स्थान हुआ।
५जैसे निर्जल देश में बादल की छाया से तपन ठण्डी होती है वैसे ही तू परदेशियों का कोलाहल और क्रूर लोगों को जयजयकार बन्द करता है।
६सेनाओं का यहोवा इसी पर्वत पर सब देशों के लोगों के लिये ऐसा भोज तैयार करेगा जिसमें भाँति-भाँति का चिकना भोजन और निथरा हुआ दाखमधु होगा; उत्तम से उत्तम चिकना भोजन और बहुत ही निथरा हुआ दाखमधु होगा।
