यशायाह २९:१३
प्रभु ने कहा, “ये लोग जो मुँह से मेरा आदर करते हुए समीप आते परन्तु अपना मन मुझसे दूर रखते हैं, और जो केवल मनुष्यों की आज्ञा सुन सुनकर मेरा भय मानते हैं, (मत्ती 15:8,9, मर. 7:6,7)यशायाह २९:१३ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Isaiah 29:13
- The Lord said, “Because this people draws near with their mouth and honors me with their lips, but they have removed their heart far from me, and their fear of me is a commandment of men which has been taught;
- ગુજરાતી — યશાયા ૨૯:૧૩
- પ્રભુ કહે છે, “આ લોકો તેમના મુખથી જ મારી પાસે આવે છે અને કેવળ હોઠોથી મને માન આપે છે, પરંતુ તેઓએ પોતાનું હૃદય મારાથી દૂર રાખ્યું છે. તેઓ મારો જે આદર કરે છે તે માત્ર માણસોએ શીખવેલી આજ્ઞા છે.
संदर्भ में
११इसलिए सारे दर्शन तुम्हारे लिये एक लपेटी और मुहरबन्द की हुई पुस्तक की बातों के समान हैं, जिसे कोई पढ़े-लिखे मनुष्य को यह कहकर दे, “इसे पढ़”, और वह कहे, “मैं नहीं पढ़ सकता क्योंकि इस पर मुहरबन्द की हुई है।” (प्रका. 5:1-3)
१२तब वही पुस्तक अनपढ़ को यह कहकर दी जाए, “इसे पढ़,” और वह कहे, “मैं तो अनपढ़ हूँ।”
१३प्रभु ने कहा, “ये लोग जो मुँह से मेरा आदर करते हुए समीप आते परन्तु अपना मन मुझसे दूर रखते हैं, और जो केवल मनुष्यों की आज्ञा सुन सुनकर मेरा भय मानते हैं, (मत्ती 15:8,9, मर. 7:6,7)
१४इस कारण सुन, मैं इनके साथ अद्भुत काम वरन् अति अद्भुत और अचम्भे का काम करूँगा; तब इनके बुद्धिमानों की बुद्धि नष्ट होगी, और इनके प्रवीणों की प्रवीणता जाती रहेगी।” (1 कुरि. 1:19)
१५हाय उन पर जो अपनी युक्ति को यहोवा से छिपाने का बड़ा यत्न करते, और अपने काम अंधेरे में करके कहते हैं, “हमको कौन देखता है? हमको कौन जानता है?”
