यशायाह २९:१६
तुम्हारी कैसी उलटी समझ है! क्या कुम्हार मिट्टी के तुल्य गिना जाएगा? क्या बनाई हुई वस्तु अपने कर्ता के विषय कहे “उसने मुझे नहीं बनाया,” या रची हुई वस्तु अपने रचनेवाले के विषय कहे, “वह कुछ समझ नहीं रखता?” (रोम. 9:20,21)यशायाह २९:१६ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Isaiah 29:16
- You turn things upside down! Should the potter be thought to be like clay, that the thing made should say about him who made it, “He didn’t make me;” or the thing formed say of him who formed it, “He has no understanding”?
- ગુજરાતી — યશાયા ૨૯:૧૬
- તમે વસ્તુઓને ઊંધી સીધી કરો છો! શું કુંભાર માટીની બરાબર ગણાય, એવી રીતે કે, કૃત્યો પોતાના કર્તા વિષે કહે, “તેણે મને બનાવ્યો નથી,” અથવા જે વસ્તુની રચના થયેલી છે તે પોતાના રચનારને કહેશે કે, “તે મને સમજી શકતો નથી?”
संदर्भ में
१४इस कारण सुन, मैं इनके साथ अद्भुत काम वरन् अति अद्भुत और अचम्भे का काम करूँगा; तब इनके बुद्धिमानों की बुद्धि नष्ट होगी, और इनके प्रवीणों की प्रवीणता जाती रहेगी।” (1 कुरि. 1:19)
१५हाय उन पर जो अपनी युक्ति को यहोवा से छिपाने का बड़ा यत्न करते, और अपने काम अंधेरे में करके कहते हैं, “हमको कौन देखता है? हमको कौन जानता है?”
१६तुम्हारी कैसी उलटी समझ है! क्या कुम्हार मिट्टी के तुल्य गिना जाएगा? क्या बनाई हुई वस्तु अपने कर्ता के विषय कहे “उसने मुझे नहीं बनाया,” या रची हुई वस्तु अपने रचनेवाले के विषय कहे, “वह कुछ समझ नहीं रखता?” (रोम. 9:20,21)
१७क्या अब थोड़े ही दिनों के बीतने पर लबानोन फिर फलदाई बारी न बन जाएगा, और फलदाई बारी जंगल न गिनी जाएगी?
१८उस समय बहरे पुस्तक की बातें सुनने लगेंगे, और अंधे जिन्हें अभी कुछ नहीं सूझता, वे देखने लगेंगे। (मत्ती 11:5, प्रेरि. 26:18)
