यशायाह ३२:१५
जब तक आत्मा ऊपर से हम पर उण्डेला न जाए, और जंगल फलदायक बारी न बने, और फलदायक बारी फिर वन न गिनी जाए।यशायाह ३२:१५ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Isaiah 32:15
- until the Spirit is poured on us from on high, and the wilderness becomes a fruitful field, and the fruitful field is considered a forest.
- ગુજરાતી — યશાયા ૩૨:૧૫
- જ્યાં સુધી કે ઉપરથી આત્મા આપણા પર રેડાય અને અરણ્ય ફળદ્રુપ વાડી થાય અને ફળદ્રુપ વાડી વન સમાન બને ત્યાં સુધી એવું થશે.
संदर्भ में
१३मेरे लोगों के वरन् प्रसन्न नगर के सब हर्ष भरे घरों में भी भाँति-भाँति के कटीले पेड़ उपजेंगे।
१४क्योंकि राजभवन त्यागा जाएगा, कोलाहल से भरा नगर सुनसान हो जाएगा और पहाड़ी और उन पर के पहरुओं के घर सदा के लिये माँदे और जंगली गदहों का विहार-स्थान और घरेलू पशुओं की चराई उस समय तक बने रहेंगे
१५जब तक आत्मा ऊपर से हम पर उण्डेला न जाए, और जंगल फलदायक बारी न बने, और फलदायक बारी फिर वन न गिनी जाए।
१६तब उस जंगल में न्याय बसेगा, और उस फलदायक बारी में धार्मिकता रहेगा।
१७और धार्मिकता का फल शान्ति और उसका परिणाम सदा का चैन और निश्चिन्त रहना होगा। (रोम. 14:7, याकू. 3:18)
