यशायाह ३२:२
हर एक मानो आँधी से छिपने का स्थान, और बौछार से आड़ होगा; या निर्जल देश में जल के झरने, व तप्त भूमि में बड़ी चट्टान की छाया।यशायाह ३२:२ · IRV
यह पद अन्य भाषाओं में
- English — Isaiah 32:2
- A man shall be as a hiding place from the wind, and a covert from the storm, as streams of water in a dry place, as the shade of a large rock in a weary land.
- ગુજરાતી — યશાયા ૩૨:૨
- તેમાંનો દરેક માણસ વાયુથી આશ્રયસ્થાન અને વાવાઝોડા સામે આશરા જેવો, સૂકી ભૂમિમાં પાણીના નાળાં જેવો, કંટાળાજનક દેશમાં એક વિશાળ ખડકની છાયા જેવો થશે.
संदर्भ में
१देखो, एक राजा धार्मिकता से राज्य करेगा, और राजकुमार न्याय से हुकूमत करेंगे। (प्रका. 19:11, इब्रा. 1:8,9)
२हर एक मानो आँधी से छिपने का स्थान, और बौछार से आड़ होगा; या निर्जल देश में जल के झरने, व तप्त भूमि में बड़ी चट्टान की छाया।
३उस समय देखनेवालों की आँखें धुँधली न होंगी, और सुननेवालों के कान लगे रहेंगे।
४उतावलों के मन ज्ञान की बातें समझेंगे, और तुतलानेवालों की जीभ फुर्ती से और साफ बोलेगी।
